IPL 2022: एमएस धोनी की 12 साल पुरानी चाल ने फिर किया कमाल, देखते रह गए कायरन पोलार्ड – Video

Ms Dhoni Kieron Pollard Mi Vs Csk

आईपीएल 2022 शुरू होने से ठीक दो दिन पहले एमएस धोनी (MS Dhoni) ने एक फैसले से सबको चौंका दिया था. 2008 में आईपीएल की शुरुआत से लेकर 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताने तक, टीम की कमान संभालने वाले एमएस धोनी ने कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था. धोनी ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर रवींद्र जडेजा को चुना. एक ऐसा खिलाड़ी, जो इस टीम का सबसे भरोसेमंद सदस्य है, लेकिन उनके पास कप्तानी का कोई अनुभव नहीं था. ऐसे में जाहिर तौर पर हर कोई यही मान रहा था, कि मैदान पर फील्डिंग सजाने से जुड़े ज्यादातर फैसले धोनी के ही होंगे और कुछ मैचों में ये दिखा भी, जिसमें सबसे ताजा नजारा दिखा मुंबई इंडियंस (MI vs CSK) के खिलाफ, जहां धोनी ने 12 साल पुरानी चाल में मुंबई के दिग्गज कायरन पोलार्ड (Kieron Pollard) को फंसा दिया.

डीवाई पाटिल स्टेडियम में इस सीजन में पहली बार टकरा रही मुंबई और चेन्नई की टीमों के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद थी क्योंकि दोनों टीमें इस साल सबसे खराब प्रदर्शन कर रही हैं. चेन्नई ने पहले गेंदबाजी करते हुए मुंबई को शुरुआत में ही तगड़े झटके दे डाले और 85 रन तक 5 विकेट हासिल कर लिए थे. ऐसे में क्रीज पर आए कायरन पोलार्ड, जो अक्सर चेन्नई के खिलाफ अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करते रहते हैं. पोलार्ड ने इस बार भी वैसी ही शुरुआत की और सिर्फ 8 गेंदों में ही 14 रन ठोक दिए थे. फिर धोनी ने फील्ड सेटिंग की कमान संभाली और समय के पहिये को उल्टा घुमा दिया.

फील्डिंग के जाल में पोलार्ड को फंसाया

पारी के 17वें ओवर में महीश तीक्षणा को गेंदबाजी सौंपी गई और दूसरी गेंद पर उनके सामने पोलार्ड आए. पोलार्ड ने तीक्षणा के पिछले ओवर में एक छक्का जमाया था. धोनी ने इसको ध्यान में रखते हुए पोलार्ड की आंखों के सामने स्ट्रेट बाउंड्री पर लॉन्ग ऑन के करीब शिवम दुबे को तैनात कर दिया. फिर जब तीक्षणा ने ऑफ स्टंप के बाहर निकलती हुई गेंद डाली, तो पोलार्ड ने इसे लॉन्ग ऑन के बाहर पहुंचाने की ठानी, लेकिन धोनी की चाल ने काम किया और वह ठीक शिवम दुबे के हाथों कैच आउट हो गए. पोलार्ड सिर्फ 14 रन ही बना सके और चेन्नई ने बड़े खतरे को टाल दिया.

12 साल पहले फाइनल में चली थी ये चाल

खास बात ये है कि धोनी ने ठीक 12 साल पहले 2010 में मुंबई के खिलाफ फाइनल में भी इसी तरह पोलार्ड को शिकार बनाया था. उस दिन पोलार्ड ने 9 गेंदों में 27 रन ठोककर चेन्नई के लिए आफत खड़ी कर दी थी. फिर धोनी ने मिड ऑफ पर एक फील्डर को अलग से तैनात किया, जबकि लॉन्ग ऑफ पर भी फील्डर था और अगली ही गेंद पर पोलार्ड ने सीधे मिड ऑफ के हाथों में कैच दे दिया. उस एक विकेट ने चेन्नई को पहला खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई.

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