IPL ने खेल जगत को किया मालामाल, साल 2027 में 100 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा सेक्टर

IPL makes sports industry rich will grow five times in next five years

भारत में खेल प्रेमियों का आंकड़ा दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है. खेलों (Sports) की ओर लोगों की दीवानगी से खेल कारोबार भी फल-फूल रहा है. भारत का स्पोर्ट्स मार्केट (Sports Market) अरबों रुपए कमाने वाली इंडस्ट्री (Industry) बन गई है. ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत के स्पोर्ट्स सेक्टर का कारोबार अगले 5 साल में करीब 5 गुना रफ्तार से बढ़ेगा और साल 2027 में 100 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा, जो साल 2020 में 27 अरब डॉलर था. खेल कारोबार में मैचों के प्रसारण (Telecast) के लिए मीडिया राइट्स, खेलों से जुड़ी ड्रेसेज, स्पोर्ट्स न्यूट्रीशियन, खेलों में इस्तेमाल होने वाले सामान समेत अन्य चीजें शामिल हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि खेल कारोबार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) बड़ी भूमिका निभा रहा है. आईपीएल देखने वालों की संख्या करोड़ों में है, जिसका अच्छी तरह से कॉमर्शियल इस्तेमाल किया गया.

मीडिया राइट्स की नीलामी से बड़ी कमाई

आईपीएल की लोकप्रियता और उससे होने वाली कमाई का अंदाजा लीग के मीडिया राइट्स की नीलामी से लगाया जा सकता है. साल 2023 से 2027 के बीच आईपीएल मैचों के प्रसारण के मीडिया राइट्स 48,390 करोड़ रुपए (6.2 अरब डॉलर) में बेचे गए. प्रति मैच कीमत के लिहाज से आईपीएल दुनिया की दूसरे सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग है. आईपीएल के प्रत्येक मैच की कीमत में पिछली बार से 100 फीसदी का इजाफा हुआ है. पिछली बार प्रत्येक मैच 54.5 करोड़ रुपये का था. अब हर मैच की कीमत 114 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है. वैश्विक स्तर पर आईपीएल के प्रत्येक मैच की वैल्यू 14.61 मिलियन डॉलर है, जो नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के बाद दूसरे नंबर पर है. NFL का हर मैच 17 मिलियन डॉलर का है.

आईपीएल के पूर्व चेयरमैन और लीग के सूत्रधार माने-जाने वाले ललित मोदी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि IPL दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग बन जाएगी. उनका मानना है कि आईपीएल के मीडिया राइट्स की वैल्यू अगले साइकिल यानी अगली नीलामी में फिर दोगुनी हो जाएगी.

खेलों से जुड़े सामान बनाने में भारत का एशिया में तीसरा स्थान

ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खेलों का मीडिया मार्केट साल 2027 तक बढ़कर 13.4 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा, जो साल 2020 में केवल एक अरब डॉलर का था. वहीं, वैश्विक मीडिया राइट्स का बाजार 52.1 अरब डॉलर का है. इसमें क्रिकेट की हिस्सेदारी 2.7 फीसदी से बढ़कर 3 फीसदी हो गई है. मीडिया राइट्स के मामले में फुटबॉल की बादशाहत कायम है. उसकी हिस्सेदारी 42 फीसदी है. खेलों से जुड़े सामान और उपकरण बनाने के मामले में एशिया में भारत का चीन और जापान के बाद तीसरा स्थान है. भारत में खेलों के सामान (स्पोर्ट्स गुड्स) का मार्केट साल 2020 में 4.5 अरब डॉलर था, जिसके 2027 तक बढ़कर 6.6 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में स्पोर्ट्स इंडस्ट्री लगातार बढ़ रही है. हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, खेल से जुड़े सामानों और इवेंट्स पर ज्यादा टैक्स और वित्तीय प्रबंधन एवं गवर्नेंस की कमी जैसी चुनौतियां अब भी बरकरार हैं.

(स्टोरी: पवन पांडे)

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