India vs Leicestershire: टीम इंडिया को अभ्यास मैच ने दी टेंशन, फ्लॉप हुए दोनों दावेदार, किसे मिलेगी ये पोजिशन?

Indian Cricket Team Radhul Dravid

टीम इंडिया (Team India) के लिए इंग्लैंड दौरा पिछले एक दशक में अच्छा नहीं रहा है. 2007 में आखिरी बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने के बाद से ही भारत को यहां करारी हार मिली है. इस बार भारतीय टीम ऐतिहासिक जीत के करीब है. पिछले साल शुरू हुई टेस्ट सीरीज में भारत के पास 2-1 की बढ़त है और अब आखिरी टेस्ट की चुनौती से उसे निपटना है, जहां मिली सफलता के साथ ही सीरीज भारत की झोली में गिर जाएगी, लेकिन इंग्लैंड (England Cricket Team) की चुनौती कभी भी आसान नहीं होती और ये इस बार भी नहीं होने वाली. इसके पीछे टीम इंडिया की बैटिंग की खामी फिर से वजह बनती दिख रही है, जो पांचवें टेस्ट से पहले खेले जा रहे अभ्यास मैच में खुलकर सामने आई. ये खामी है तीसरे नंबर के बल्लेबाजों की असफलता.

बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में 1 जुलाई से भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच खेला जाना है. इस टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम इंग्लिश काउंटी क्लब लेस्टरशर के खिलाफ अभ्यास मैच खेल रही है. ये अभ्यास मैच अभी तक भारतीय टीम के हिसाब से खास अच्छा नहीं रहा है. विशेष रूप से उन खिलाड़ियों के नजरिए से, जिनका प्लेइंग इलेवन में खेलना तय है. लेकिन तीसरे नंबर की पोजिशन ऐसी है, जिस पर फैसला करना टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

अभ्यास मैच में दोनों नाकाम

लेस्टरशर के खिलाफ अभ्यास मैच के लिए टीम ने सभी खिलाड़ियों को मौका देने के लिए अपने ही कुछ सदस्यों को इंग्लिश क्लब की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाया. इसके चलते पुजारा को लेस्टरशर और विहारी को टीम इंडिया के साथ रखा गया, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज पहली पारी में अपना असर डालने में नाकाम रहे. मैच के पहले दिन विहारी ने टीम इंडिया के लिए तीसरे नंबर पर बैटिंग की लेकिन सिर्फ 3 रन बना सके. वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को पुजारा की बारी आई और करीब 90 टेस्ट मैच के अनुभवी बल्लेबाज को भी निराशा ही हाथ लगी. वह तो सिर्फ 6 गेंद ही खेल सके और खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए.

पुजारा या विहारीः किसे मिलेगा मौका?

वैसे, टीम इंडिया के लिए पिछले एक दशक से इस पोजिशन पर चेतेश्वर पुजारा का कब्जा रहा. पिछले साल इंग्लैंड में खेले गए चारों टेस्ट में वह टीम का हिस्सा थे, लेकिन कई महीनों से चल रही खराब फॉर्म के कारण उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी. हालांकि, उनके पास इंग्लैंड में खेलने का अच्छा अनुभव है और उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप में भी खूब रन बनाए थे. ऐसे में उनका पलड़ा भारी दिखता है. वहीं, उनकी जगह पिछली सीरीज में हनुमा विहारी को मौका मिला, जिन्हें आने वाले वक्त में ज्यादा से ज्यादा अवसर दिए जाने की बात टीम मैनेजमेंट कर चुका है. ऐसे में इस निर्णायक टेस्ट के लिए किसे मौका मिलेगा, इस फैसले में बहुत हद तक अभ्यास मैच के प्रदर्शन का भी असर होना तय है, लेकिन इस मोर्चे पर फिलहाल दोनों बल्लेबाजों और टीम को निराशा मिली है.

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