IMF ने घटाया 2022-23 के लिये भारत का GDP ग्रोथ अनुमान, कहा- महंगाई से नहीं मिलेगी जल्द राहत

international monetary fund IMF says extreme poverty nearly ends in india

आईएमएफ (IMF) ने आशंका जताई कि महंगाई का असर पिछले अनुमानों से कहीं ज्यादा वक्त तक रह सकती है. एंजेसी के मुताबिक रूस यूक्रेन संकट (Russia Ukraine Crisis) की वजह से दुनिया भर में कीमतों में बढ़त जारी रहेगी और ये बढ़त लंबे वक्त तक बनी रह सकती है. इन संकेतों को देखते हुए ही आईएमएफ ने इस साल के लिये वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान (growth forecast) घटा कर 3.6 प्रतिशत कर दिया है, ताजा आंकड़ा जनवरी के अनुमान से 0.8 प्रतिशत कम है. इसके साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष के लिये भारत का ग्रोथ अनुमान भी 80 बेस प्वाइंट घटा कर 8.2 प्रतिशत कर दिया है. आईएमएफ के मुताबिक रूस यूक्रेन संकट से खपत पर बुरा असर पड़ेगा जिससे ग्रोथ नीचे आएगी.

आईएमएफ ने घटाए ग्रोथ अनुमान

आईएमएफ ने 19 अप्रैल को रिलीज हुई विश्व इकोनॉमिक रिपोर्ट मे कहा है कि 2022 के अनुमानों में सबसे ज्यादा कटौती भारत और जापान के ग्रोथ अनुमानों में की गई है, जापान के ग्रोथ अनुमान 90 बेस अंक घटाए गये हैं वहीं भारत के लिये अनुमान 80 बेस अंक घटा है. रिपोर्ट के अनुसार इस देशों में घरेलू मांग में कमजोरी की संभावना है वहीं ऊंची तेल कीमतों की वजह से निजी खपत और निवेश दोनों में ही कमी देखने को मिल सकती है. भले ही आईएमएफ ने अपने अनुमानों में कटौती की है लेकिन ये भारत के अपने अनुमानों से बेहतर हैं, रिजर्व बैंक ने 2022-23 के लिये 7.2 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान दिया है. वहीं अगले वित्त वर्ष के लिये भी अनुमानों में काफी अंतर है, आईएमएफ ने अगले वित्त वर्ष के लिये 6.9 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान दिया है, रिजर्व बैंक का अनुमान है कि 2023-24 में घरेलू अर्थव्यवस्था 6.3 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ सकती है.

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त से दबाव

आईएमएफ के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त से नुकसान होगा. इससे महंगाई बढ़ेगी और मांग में गिरावट आएगी. रूस यूक्रेन संकट की वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं. फिलहाल कीमतें एक बार फिर 111 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं. इसके साथ ही रूस यूक्रेन से उत्पादित कई कमोडिटी की सप्लाई के ठप होने से खाद्य कीमतों में तेजी देखने तो मिली है. IMF के मुताबिक फिलहाल इस स्थिति को वापस नियंत्रण में आने में अनुमान से कहीं ज्यादा वक्त लग सकता है. आईएमएफ के वरिष्ठ अर्थशास्त्री ने चेतावनी दी है कि दुनिया के कुछ देशों के लिये महंगाई सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है.

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