Himachal Pradesh Election: प्रदेश की सभी 68 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में AAP, 23 अप्रैल की रैली में CM फेस घोषित कर सकते हैं केजरीवाल

Himachal Pradesh Election: Arvind Kejriwal may declare CM face in 23 April rally in Himachal

हिमाचल प्रदेश में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव (Himachal Pradesh Election 2022) होने हैं. ऐसे में आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) जल्द अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, 23 अप्रैल को दिल्ली के सीएम और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) कांगड़ा आ रहे हैं. इस रैली में रविंद केजरीवाल के दिशा निर्देश में हिमाचल में मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा हो सकती है. आम आदमी पार्टी के पर्यवेक्षक दिशांत कपिल ने गगल के इच्छी में इसके सकेंत दिए हैं. उन्होंने बताया कि भावी उम्मीदवारों की घोषणा बहुत जल्द कर दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि देश-प्रदेश में आप की लहर चल रही है. जिसके चलते ही हिमाचल में निश्चित रूप से भारी बहुमत से आप के उम्मीदवार जीतेंगे और सरकार बनाएंगे. दिल्ली व पंजाब की तर्ज पर हिमाचल में भी ऐतिहासिक बदलाव आएंगे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशांत कपिल ने कहा कि जो सीमेंट के कारखाने व बिजली के बड़े प्रोजेक्ट हिमाचल में हैं. उन पर भी आम आदमी पार्टी का फोक्स होगा. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की सभी 68 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है.

दर्जनों नेता AAP में शामिल

बता दें, बीते 16 अप्रैल को आप प्रदेश प्रभारी दुर्गेश पाठक ने दूसरे दलों से आए 32 सदस्यों को AAP की सदस्यता दिलवाई थी. सदस्यता ग्रहण करने वालों में ऊना से कांग्रेस प्रवक्ता राजीव गौतम भी शामिल थे. इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार पंकज पंडित ने भी AAP की सदस्यता ग्रहण की है. इस दौरान आप नेता ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश में युवाओं का रुझान लगातार आम आदमी पार्टी की ओर बढ़ता जा रहा है. यही वजह है कि सैंकड़ों युवा आम आदमी पार्टी का दामन थाम रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को ऐसा लगने लगा है कि उनके हितों की रक्षा सिर्फ आम आदमी पार्टी की नीतियां ही कर सकती हैं.

हिमाचल में टूट सकता है 4 दशक पुराना मिथक

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के इतिहास में अभी तक 4 दशकों से कोई भी सरकार रिपीट नहीं हुई है. राज्य में साल 1980 के बाद से सत्ता की चाबी कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी के हाथो में रही है. साल 1980 में ठाकुर रामलाल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी. 1982 में उन्हें आंध्र प्रदेश का गवर्नर बनाकर भेजा गया और वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली. जिसके बाद 1985 में हुए चुनावों में फिर से वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी.

उसके बाद से कोई भी दल ये कारनामा नहीं कर पाया है. यहां हर 5 सालों में सरकार बदलती रही है, कायदे से इस बार हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाने का कांग्रेस का नंबर है.

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