Himachal Pradesh Assembly Election: हिमाचल प्रदेश में सड़क वाले मुख्यमंत्री के रूप में मिली थी पहचान ,जानिए कौन है प्रेम कुमार धूमल

Prem Kumar Dhumal

प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradessh) के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ है. वह हिमाचल प्रदेश के 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उनका जन्म हमीरपुर जनपद (Hamirpur District) के समीरपुर गांव (Samirpur Village) में 10 अप्रैल 1944 को हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा और मिडिल स्कूल भगवाड़ा से हुई. जबकि मैट्रिक डीएवी हाई स्कूल से हुई. 1970 में उन्होंने दोआबा कॉलेज जालंधर से एमए इंग्लिश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया.उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में प्रवक्ता के पद पर भी कार्य किया है.1984 से उनका राजनीतिक कैरियर शुरू हुआ. पहली बार उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाग लिया लेकिन हार का सामना करना पड़ा.फिर 1989 के चुनाव में उन्हें जीत मिली.

धूमल ने मुख्यमंत्री रहते हुए हिमाचल प्रदेश के लिए कई बड़े काम किए. उन्होंने ऊर्जा विकास के लिए 600 मेगा वाट प्रोजेक्ट की शुरुआत की. जबकि राज्य पिछले 50 वर्षों से 298 मेगा वाट के उत्पादन पर ही सीमित था. वह हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिले और गांव को सड़क परिवहन के माध्यम से जोड़ने का काम किया. इसके साथ ही शिक्षा पद्धति में भी उन्होंने कई सुधार किए. उनके ही प्रयास से प्राथमिक विद्यालयों में तीन पक्के कमरों का निर्माण हुआ और पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के छात्रवृत्ति प्रदान करने का काम शुरू हुआ. उनके अच्छे प्रयासों की बदौलत ही उन्हें दो बार गोल्डन पीकॉक अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया.

प्रेम कुमार धूमल का राजनीतिक सफर

*प्रेम कुमार धूमल कि राजनीतिक सफर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन से हुई.1980 से 82 में प्रेम कुमार धूमल भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव रहे. जबकि 1993 से 1998 में वे हिमाचल प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष के पद पर आसीन रहे.
* शिक्षक के रूप में कार्य करने के दौरान ही राजनीति से जुड़ गए थे वह शिक्षक संघ के कार्यालयों में अधिकारी पद पर भी आसीन रहे.
* प्रेम कुमार धूमल पहली बार 1984 में लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा दूसरी बार 1989 में हमीरपुर सीट से जीत दर्ज की.
* 1998 , 2003 ,2007 में उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करके विधायक बने.
* उन्हें 1984 और 1996 में लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है.
* प्रेम कुमार धूमल हिमाचल प्रदेश की सियासत में एक बड़ा चेहरा है. वह हिमाचल प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री बने हैं. पहली बार 1998 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहे. तो वहीं दूसरी बार उन्होंने 2008 से 2012 तक मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहे.
* 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रेम कुमार धूमल को मिली थी हार. इस दौरान वह नेता विपक्ष के तौर पर काम करते रहे.

हिमाचल प्रदेश की राजनीति का मजबूत चेहरा है धूमल

हिमाचल प्रदेश की राजनीति का मजबूत चेहरा प्रेम कुमार धूमल माने जाते हैं वह क्षत्रिय जाति से आते हैं.वही राज्य के दो बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं.हिमाचल प्रदेश की राजनीति का उनके पास एक लंबा चौड़ा अनुभव है.इसी अनुभव के सहारे 2022 में भाजपा बड़ी जीत हासिल करने की तैयारी में है. उनके बेटे अनुराग ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री हैं और हमीरपुर लोकसभा सीट से सांसद भी हैं.

पर्यावरण को बचाने के लिये सक्रिय रहे प्रेम कुमार धूमल

प्रेम कुमार धूमल अपने क्षेत्र के विकास के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं. उन्हीं के प्रयासों के चलते हिमाचल प्रदेश देश का पहला कार्बन तटस्थ राज बना.बच्चों की पढ़ाई को निर्बाध गति से चलाने के लिए उन्होंने सरकारी स्कूल में किसी भी आयोजन पर रोक लगा दी.इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की खूबसूरती को बनाए रखने और पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने सभी नागरिकों के लिए संदेश निर्धारित किया.” हर हिमाचली पर्यावरण का पहरी प्रखर” पर्यावरण संरक्षण में विकास की डगर”

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