HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को दी बड़ी सुविधा, बिना कोई चार्ज काटे खाते में मिलेगा पूरा पैसा

full value outward remittance

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने ट्रेड और रिटेल ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है. इस नई सर्विस का नाम ‘फुल वैल्यू आउटवार्ड रेमिटेंस’ (Full Value Outward Remittance) है जिसमें अमेरिकी डॉलर, यूरो और पाउंड स्टर्लिंग के एक्सचेंज पर बैंक की तरफ से कोई चार्ज नहीं काटा जाएगा. हालांकि यह सुविधा तब के लिए है जब कोई ग्राहक विदेश में पैसे भेजता है. बैंक चार्ज पर छूट की यह नई सर्विस आउटवार्ड रेमिटेंस के लिए है. विदेश में अगर किसी व्यक्ति को डॉलर, यूरो या पाउंड में पैसा भेजा जाएगा तो एचडीएफसी बैंक उस पर अपना कोई चार्ज नहीं काटेगा. इसे फॉरेन बैंक चार्जेज कहा जाता है. इस सर्विस से उन लोगों को फायदा होगा जो अमेरिकी स्टॉक या किसी विदेशी स्टॉक में निवेश करते हैं.

दरअसल, अमेरिकी स्टॉक खरीदने से पहले निवेशक को अपने रुपये से डॉलर खरीदना होता है. यह खरीदारी रिजर्व बैंक के द्वारा बनाई गई लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) में तय लिमिट के मुताबिक की जाती है. मौजूदा एलआरएस नियम के मुताबिक भारत का कोई नागरिक जिसमें नाबालिग भी शामिल है, एक वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर का रेमिटेंस कर सकता है. अगर डॉलर का मौजूदा रेट देखें तो 78 रुपये के हिसाब से यह रकम 1.95 करोड़ रुपये होती है. यानी 1.95 करोड़ रुपये के बराबर की राशि विदेश में भेज सकते हैं.

ट्रेड कस्टमर को फायदा

एचडीएफसी बैंक ने फुल वैल्यू रेमिटेंस की सुविधा को ट्रेड से जुड़े ट्रांजैक्शन के लिए भी शुरू कर दी है. डॉलर के साथ पाउंड और यूरो भी विदेश भेजने पर बैंक कोई चार्ज नहीं काटेगा. बैंक के सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट होल्डर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे और ट्रेड और रिटेल रेमिटेंस पर बैंक चार्ज का छूट पा सकेंगे. एचडीएफसी बैंक का कहना है कि रिटेल के साथ साथ ट्रेड कस्टमर को इस सुविधा की बेहद दरकार थी. बैंक ने इसका खयाल रखते हुए रेमिटेंस में ग्राहकों की सुविधाएं बढ़ा दी हैं. बैंक का कहना है कि यह पहल ट्रेड के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा.

अभी क्या है नियम

बैंक के रेमिटेंस चार्ज की बात करें तो इसमें आउटवार्ड (विदेश में भेजने) और इनवार्ड दोनों आते हैं. 500 अमेरिकी डॉलर या इससे अधिक बाहर भेजने पर 500 रुपये का कमीशन लगता है. 500 डॉलर से अधिक भेजने पर 1000 रुपये का कमीशन लिया जाता है. हालांकि इनवार्ड रेमिटेंस का कोई शुल्क नहीं है. एफसीवाई कैश सेलिंग पर कोई चार्ज नहीं लगता.

इसके अलावा सभी फॉरेन एक्सचेंज ट्रांजैक्शन पर जीएसटी काटा जाता है जो कि ऊपर बताए गए शुल्क से अतिरिक्त होता है. 1 लाख रुपये तक के करेंसी एक्सचेंज पर 0.18 परसेंट जीएसटी और कम से कम 45 रुपये और अधिकतम 180 रुपये जीएसटी लिया जाता है. 1 लाख रुपये से 10 लाख के बीच करेंसी एक्सचेंज पर 180 रुपये प्लस 0.09 परसेंट जीएसटी जिसमें कम से कम 180 रुपये और अधिकतम 990 रुपये तक लिए जा सकते हैं.

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