EXPLAINED: बैंक लोन की दरें क्यों बढ़ा रहे हैं? एक्सपर्ट से समझिए कि MCLR बढ़ने से आपके लोन और आपकी जमा पूंजी पर क्या असर होगा

Interest Rate Hike

अगर आपने कार लोन, होम लोन या पर्सनल लोन लिया है तो उसकी ईएमआई बहुत जल्द बढ़ने वाली है. दरअसल, बैंकों ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बढ़ोतरी की शुरुआत की है. सार्वजनिक क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने तीन सालों में पहली बार एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है. इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों ने भी एमसीएलआर में बढ़ोतरी की है. अब एसबीआई का एमसीएलआर 7.1 फीसदी से शुरू हो रहा है. ये तो महज शुरुआत है. आने वाले दिनों में कई और प्राइवेट और पब्लिक बैंक इस दर में बढ़ोतरी करने वाले हैं.

पर्सनल फाइनेंस ऐप ब्रांच (Branch) की MD सुचेता महापात्रा ने कहा कि लंबे समय से इंट्रेस्ट रेट कम रहा है. अब सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी शुरू कर दी है, जिसके कारण होम लोन, कार लोन जैसे कंज्यूमर लोन महंगे हो जाएंगे. इसका असर आपके पहले से चले आ रहे लोन पर भी होगा और ईएमआई बढ़ जाएगी. स्टेट बैंक ने करीब 3 साल बाद MCLR में 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है. इसके अलावा एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी एमसीएलआर को बढ़ाया है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि इस साल के शुरू से ही बैंक डिपॉजिट रेट्स में बढ़ोतरी कर रहे हैं. ऐसे में लेंडिंग और डिपॉजिट रेट का फासला बढ़ गया है. इसी फासले को MCLR बढ़ाकर कम किया जा रहा है.

बढ़ती महंगाई के कारण RBI पर दबाव बढ़ा

उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच रिजर्व बैंक पर भी इंट्रेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है. इस महीने हुई मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में आरबीआई ने कहा था कि अब उसका फोकस ग्रोथ की जगह महंगाई पर होगा. ऐसे में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए बहुत जल्द रिजर्व बैंक उदार रुख से बाहर निकलेगा और आने वाले दिनों में इंट्रेस्ट रेट बढ़ा सकता है. इसके कारण लेंडिंग रेट फिर से बढ़ सकता है जिसका असर आपकी पॉकेट पर होगा.

बैंकों ने डिपॉजिट्स पर भी इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी की है

सुचेता महापात्रा ने कहा कि इस साल बैंकों ने डिपॉजिट्स पर भी इंट्रेस्ट रेट को बढ़ाया है. रिजर्व बैंक का फोकस फाइनेंशियल सिस्टम में लिक्विडिटी को कम करने पर है जिसके लिए वह इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी करेगा. अमेरिकी फेडरल रिजर्व इंट्रेस्ट रेट में अग्रेसिव बढ़ोतरी करने के मूड में दिख रहा है. इसके कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पर भी दबाव बढ़ेगा.

जून में इंट्रेस्ट रेट बढ़ा सकता है रिजर्व बैंक

रिजर्व बैंक ने लगातार 11वीं बार रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैसला किया. अप्रैल की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बरकरार रखा गया. उम्मीद की जा रही है कि जून में होने वाली बैठक में रिजर्व बैंक रेपो रेट में कम से कम 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करेगा.

डिपॉजिट्स पर भी इंट्रेस्ट में बढ़ोतरी होगी

सुचेता ने कहा कि अब डिपॉजिट्स पर भी इंट्रेस्ट बढ़ेगा और लेडिंग रेट भी बढ़ेगा. पिछले कुछ दिनों में एसबीआई समेत कई बैंकों ने जमा पूंजी पर ब्याज की दर में इजाफा किया है. इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि महंगाई पिछले तीन महीने से 6 फीसदी के पार है. मार्च महीने में खुदरा महंगाई 6.95 फीसदी पर पहुंच गई थी जो 17 महीने का उच्चतम स्तर है. ऐसे में नेट आधार पर बैंक में जमा पैसे और फिक्स्ड डिपॉजिट पर नेगेटिव रिटर्न मिल रहा है.

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