Delhi Corona Update: दिल्ली में कोरोना के 600 से ज्यादा नए मामले मिलने से हड़कंप, संक्रणम दर में कमी राहत की बात

Corona Pandemic

दिल्ली (Delhi) में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. संक्रमण के नए मामले आज 600 के पार पहुंच गए हैं. हालांकि संक्रमण दर में कमी दर्ज की गई है. राजधानी में आज कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के 632 नए मामले दर्ज किए गए हैं. राहत भरी बात ये है कि संक्रमण की वजह से किसी भी मरीज की जान नहीं गई है. वहीं संक्रमण दर भी पहले से घटकर 4.42% हो गई है. बढ़ते संक्रमण के बीच कोरोना टेस्टिंग भी तेज कर दी गई है. पिछले 24 घंटों में 14299 लोगों के कोरोना टेस्ट (Corona Test) किए गए है. वहीं 414 मरीज ठीक हुए हैं. दिल्ली में फिलहाल कोरोना के कुल 1947 एक्टिव मामले हैं.

देश में एक बार फिर कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहें हैं. राजधानी दिल्ली में एक दिन में आने वाले नए मामलों की संख्या 600 के पार चली गई है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 19 अप्रैल को कोरोना के 632 नए मामले दर्ज किए गए हैं. हालांकि कोरोना संक्रमण दर 18 अप्रैल की तुलना में 7.72% से घटकर 4.42% हो गई है और कोरोना के किसी भी मरीज की मौत भी नहीं हुई है.

27 फरवरी के बाद सबसे ज्यादा केस

दिल्ली में फिलहाल कोरोना के कुल 1947 एक्टिव मामले हैं, जोकि 27 फरवरी के बाद सबसे ज्यादा है. 27 फरवरी को राजधानी में सक्रिय मरीजों की संख्या 2086 थी. वहीं बीते 24 घंटों में सामने आए 632 नए केस 17 फरवरी के बाद से सबसे ज़्यादा है. 17 फरवरी को दिल्ली में एक दिन में 739 मामले सामने आए थे. कोरोना के बढ़ते मामलों पर दिल्ली सरकार भी अब संजीदा हो गई है. सरकार ने अभी से सख्ती फिर से लागू करने के संकेत दे दिए हैं. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का कहना है कि महामारी को आए दो साल बीत चुके हैं, ऐसे में हमें इसके साथ जीना सीखना होगा.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने दिए ये निर्देश

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर संक्रमण बढ़ेगा तो सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे. हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि अस्पताल में फिलहाल कोरोना के ज्यादा मामले नहीं है, इसीलिए घबराने वाली बात नहीं है. राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने दिल्ली के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, वैक्सीनशन और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर को मॉनिटर करते रहने का निर्देश दिया है. . संक्रमण के बढ़ते मामलों पर अब सराकर को भी चिंता सताने लगी है. लेकिन उनका कहना है कि घबराने की कोई बात नहीं है, अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम है.

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