Delhi Corona: दिल्ली के अस्पतालों में बढ़ रहे कोरोना मरीज, अधिकतर दूसरी बीमारियों से हैं पीड़ित

Coronavirus

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना (Corona Cases In delhi) के नए मामलों में कमी आई है. और एक्टिव मरीजों (Corona Active cases) की संख्या भी घटी है. अब सक्रिय मामले 5054 रह गए हैं,लेकिन अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. फिलहाल अस्पतालों में 263 मरीज भर्ती हैं. 15 जून तक यह संख्या 182 थी, जबकि 5 जून तक 100 से भी कम मरीज अस्पतालों में एडमिट थे. राजधानी में बढ़ते हॉस्पिटलाइजेशन की बड़ी वजह पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीज है. ये लोग दूसरी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं और जांच में कोविड पॉजिटिव मिल रहे हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल्ली में आने वाले कुछ दिनों तक केस और बढ़ सकते हैं. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. कोविड एक्सपर्ट डॉ. अंशुमान कुमार ने बताया कि दिल्ली में कोरोना का पैटर्न अन्य राज्यों से अलग है. यहां एनसीआर के राज्यों से काम के सिलसिले में रोजाना लाखों लोग आते हैं. कई लोग इलाज के लिए भी दिल्ली के अस्पतालों में आते हैं. ऐसे में वे किसी बीमारी के लिएभर्ती भी होते हैं और कई बार कोरोना संक्रमित मिल जाते हैं. जिससे दिल्ली में कोविड मरीजों का आंकड़ा बढ़ जाता है. इसलिए ही हर कुछ महीने में राजधानी में संक्रमितों की संख्या में इजाफा देखा जाता है. हालांकिबढ़ते मामलों को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. संक्रमितों में फ्लू जैसे लक्षण ही मिल रहे हैं. अस्पतालों में वही मरीज भर्ती हैं जिनको कोरोना के अलावा अन्य गंभीर समस्याएं हैं.

सफदरजंग हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि इम्यूनिटी के घटने से कोरोना के मामलों में इजाफा हो जाता है. ऐसे में हर थोड़े समय बाद केसज में उतार चढ़ाव आता रहेगा. इससे पैनिक होने की जरूरत नहीं है. हालांकि जो लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित है और बुजुर्ग हैं उनको ध्यान रखने की जरूरत है. इसके लिए जरूरी है कि भीड़ वाले इलाकों में मास्क लगाएं और किसी बुखार या फ्लू वाले मरीज से दूरी बनाकर रखें.

पहले की तुलना में बढ़ा हॉस्पिटलाइजेशन

दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुभाष गिरी के मुताबिक, कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. इस समय अस्पताल में 14 संक्रमित मरीज है. करीब दो सप्ताह पहले तक दो ही मरीज एडमिट थे. डॉ. ने कहा कि जिन मरीजों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है और बाद में उन्हें कोविड हुआ है. ऐसे मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है. हालांकि गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं है. लेकिन लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

Similar Posts