Delhi: लैंडफिल साइट पर जल्द ही रुकेंगी आग की घटनाएं, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिए मुंबई के गैस सकिंग मॉडल पर काम करने के निर्देश

Gopal Rai

दिल्ली (Delhi) के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Environment Minister Gopal Rai) ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में MCD की लैंडफिल साइट्स (Landfill Sites) पर बार-बार आग लगने की घटना की रोकथाम को लेकर एक अहम बैठक की. गोपाल राय की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में DPCC, MCD, IIT दिल्ली, पर्यावरण विभाग, टेरी, CSE, IGL , गेल और दूसरे सभी सम्बंधित विभागों के एक्सपर्ट शामिल थे. बैठक में लैंडफिल साइट्स में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं को लेकर सभी पहलुओं पर चर्चा की गई. बैठक के बारे में जानकारी देते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि इस बैठक में ICMR-IARI के भूपिंदर सिंह और शिव प्रसाद , IIT दिल्ली के प्रोफेसर मनोज दत्ता , CSE से अतिन बिस्वास और डॉ. ऋचा सिंह , IGL से नरेंद्र पांडेय , गौरव शर्मा और सुशांत चौधरी , टेरी से सुनील पांडेय , गेल से आशु सिंघल और संजीव कुमार जैसे कई विशेषज्ञ शामिल हुए.

सभी विभागों के विशेषज्ञों के साथ विचार- विमर्श के बाद मुंबई के डंपिंग स्थल पर लगे गैस सकिंग सिस्टम को अपनाने का फैसला लिया गया है. इसी के साथ DPCC और MCD की संयुक्त टीमों को भी मुंबई जाने के निर्देश जारी किए गए है और साथ ही लैंडफिल साइट्स में बढ़ रही आग की घटनाओं को रोकने लिए DPCC और MCD की टीमों को सतत निरीक्षण के आदेश भी दे दिए गए हैं.

मुंबई के डंपिंग स्थल में लगे गैस सकिंग सिस्टम को अपनाने के निर्देश

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने लैंडफिल साइट्स पर लगने वाली आग की घटनाओं पर अपनी गंभीरता जताते हुए बताया कि दिल्ली में इस समस्या से स्थाई रूप से नियंत्रण पाने के लिए मुंबई के डंपिंग स्थल पर लगे हुए गैस सकिंग सिस्टम को अपनाने के लिए DPCC और MCD को निर्देश दिए गए है, इस गैस सकिंग सिस्टम से कूड़े से लगातार निकलने वाली मीथेन गैस पर नियंत्रण पाया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि लैंडफिल साइट्स में आग लगने का सबसे बड़ा कारण उसमे से लगातार निकलने वाली मीथेन गैस है, जो ना केवल आग कि घटनाओं को बढ़ावा देती है बल्कि वायुमंडल के लिए भी ख़तरनाक होती है.

सभी विभागों के विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में कई तत्कालीन सुझावों पर भी विचार किया गया. ताकि जल्द से जल्द उन पर कार्रवाई कर आग की घटनाओं को रोका जा सके. बैठक के दौरान विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चा में गैस के अनियंत्रित उत्सर्जन की रोकथाम के लिए गैस के कुंए लगाने , कूड़े को लगभग 10 सेंटीमीटर तक मिट्टी से ढ़कने , 6 तरीकों से कचरा के सेग्रीगेशन करना जैसे सुझावों के बारे में भी विचार किया गया. गैस सकिंग सिस्टम की जानकारी लेने के लिए DPCC और MCD की संयुक्त टीमों को मुंबई जल्द से जल्द भेजने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

एंटी ओपन बर्निंग अभियान के तहत 10 विभागों की 500 टीमें तैनात

गोपाल राय ने आगे कहा कि एंटी ओपन बर्निंग अभियान के तहत पूरी दिल्ली में 10 विभागों की 500 टीमें तैनात की गई है, जो ओपन बर्निंग से सम्बंधित सभी उचित कार्रवाई के साथ-साथ चौबीसो घंटे निरीक्षण करने का काम भी कर रही है. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि लैंडफिल साइट्स में आग लगने कि घटनाओं कि रोकथाम के लिए MCD और DPCC कि टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए है, ये टीमें ना केवल लैंडफिल साइट्स का लगातार निरीक्षण करेंगी बल्कि आग की घटनाओं को रोकने का भी काम करेंगी.

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