Delhi: जेलों में लंबित रिक्तियों पर हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस, दिल्ली सरकार ने 6 हफ्ते में तलब की स्टेटस रिपोर्ट

Delhi High Court grants bail to accused in alleged purchasing ganja on Telegram App

दिल्ली (Delhi) हाई कोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया. इस दौरान हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार (Notice To Delhi Government) से जेलों में लंबित रिक्तियों पर रिपोर्ट तलब की. बता दें कि वकील अमित साहनी द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि राजधानी की जेलों (Pending Jail Vacancies) में 20 से 25 फीसदी कर्मचारियों की कमी है. याचिका में कहा गया है कि जेलों में कर्मचारियों की कमी दिल्ली सरकार और जेल महानिदेशक को पक्षकार प्रतिवादी बनाता है.

वकील अमित साहनी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली की जेलों में कर्मचारियों की कमी अपर्याप्त प्रबंधन की एक वजह है. यह कभी-कभी जेल कर्मचारियों द्वारा गलत कैदियों पर हिंसा की वजह बनती है. इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने NCT दिल्ली सरकार और डायरेक्टर जनरल को नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में जेल में रिक्तियों को भरने के मामले पर रिपोर्ट मांगी गई है.

लंबित रिक्तियों को लेकर दिल्ली सरकार को नोटिस

बता दें कि जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने जेलों में लंबित पड़ी रिक्तियों पर दिल्ली सरकार और जेल के डीजी के वकील को अग्रिम नोटिस जारी किया है. कोर्ट के नोटिस के बाद दिल्ली सरकार को लंबित रिक्तियों और स्वीकृत क्षमता पर स्टेटस रिपोर्ट देनी होगी. इसके साथ ही कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर भी स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर जारी नोटिस में राजधानी की जेलों में चिकित्सा अधिकारियों, परामर्शदाताओं, कल्याण अधिकारियों, टीचर्स, योगा टीचर्स और शिक्षा व्यावसायिक सलाहकारों समेत बहुत से कर्मचारियों के खाली पदों को भरने को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

‘6 हफ्तों में दाखिल करें स्टेटस रिपोर्ट’

हाई कोर्ट ने प्रतिवादियों को जेलों में खाली पड़े विभिन्न स्वीकृत पदों के मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही अधूरी पड़ी रिक्तियों की संख्या पर भी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने प्रतिवादियों से रिक्तियों को नहीं भरने के कारणों का खुलासा करने और खाली पद भरने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया अगर पहले से शुरू नहीं की गई है, तो तुरंत शुरू करनी चाहिए. साथ ही कोर्ट ने कहा कि जिन पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है और लंबित है, उसमें तेजी लानी चाहिए. साथ ही हाई कोर्ट ने सरकार से 6 हफ्तों में मामले पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी.

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