Crime in UP: 55 साल का बदमाश रेकी करने के बाद देता था लूट की घटनाओं को अंजाम, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

Sahibabad Loot Case

गाज़ियाबाद (Ghaziabad) के साहिबाबाद (Sahibadad) थाना क्षेत्र में 12 अप्रैल को हुई लूट (Loot) की घटना का खुलासा आज बुधवार को पुलिस ने कर दिया है. पुलिस ने लूट के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से पुलिस ने ₹170000 नगद बरामद किए हैं. इसके साथ ही पुलिस (UP Police) ने दोनों आरोपियों से दो अवैध तमंचे भी बरामद किए हैं. साहिबाबाद के लाजपत नगर के रहने वाले ललित मल्होत्रा से 12 अप्रैल को तीन लाख की लूट उस वक्त हो गई थी जिस वक्त वह बैंक से रुपए निकालकर घर लौटे थे और जैसे ही वह घर के पास आए तभी एक लुटेरा उनका बैग लूटकर ले गया. ललित के बैग में उनके ₹300000 थे जो उन्होंने पत्नी के इलाज के लिए निकाले थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए 5 टीमें बना दी थी. पुलिस ने आज इस लूट कांड के आरोपियों मे से लुट के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जबकि उनके बाकी साथी अभी फरार हैं.

घटना का खुलासा करते हुए गाजियाबाद के एसएसपी ने बताया कि आरोपी बहुत शातिर किस्म के लुटेरे हैं. जिसका सरगना यशपाल नाम का यह बुजुर्ग शख्स है, जो बैंकों में जाकर कैश निकालने वालों की रेकी किया करता था और उसकी सूचना अपने साथियों को देकर लूट की घटना को अंजाम देता था. पुलिस के मुताबिक अजय पर 30 अपराधिक मामले दिल्ली सहित एनसीआर में दर्ज है, जबकि 55 साल के यशपाल पर 17 मुकदमे अलग-अलग मामलों में दर्ज है.

यशपाल नाम का आरोपी मुरादाबाद से चलाता है गैंग

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि 55 साल का बुजुर्ग आरोपी यशपाल मुरादाबाद का रहने वाला है और वहां पर कम उम्र के लड़कों को रुपयों का लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेल देता है. जानकारी के मुताबिक यशपाल का लंबा चौड़ा गैंग है, लेकिन इस लूट की वारदात में स्कूटी और बाइक का सहारा लिया गया जिसमें एक पर बैठकर यह बैंक जा कर रेकी किया करता था और पूरी जानकारी अपने शिकार की दूसरे साथी को दे देता था. शिकार के बैंक से निकलते ही इसके दूसरे साथी उसके पीछे पड़ जाते थे और मौका पाते ही लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग जाते थे.

घटना के खुलासे के लिए बनाई गई थी पुलिस की 5 टीमें

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना का खुलासा करना बहुत कठिन था. इस घटना का कोई भी सुराग पुलिस को नहीं लग पा रहा था, क्योंकि आसपास के सीसीटीवी में भी इनकी कोई तस्वीर कैद नहीं हुई थी. लेकिन बैंक की फुटेज खंगालने पर आरोपी यशपाल का कोई भी खाता बैंक में नहीं पाया गया जिसके बाद पुलिस के शक की सुई यशपाल पर आकर रुक गई और यशपाल का पीछा करते हुए पुलिस ने यशपाल और इसके साथी अजय को गिरफ्तार कर लिया है. इनका एक साथी अभी फरार है जिसे पुलिस जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है.

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