Corona: देश में कोरोना के 60 प्रतिशत से ज्यादा एक्टिव मरीज महाराष्ट्र और केरल में, पॉजिटिविटी रेट भी बढ़ रहा

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देश में कोरोना (Corona) ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है. पिछले 24 घंटे में 8822 नए मामले आए हैं. नए मामलों में मंगलवार की तुलना में करीब 34 फीसदी इजाफा हुआ है. दैनिक मामलों के बढ़ने की वजह से एक्टिव मरीजों (Corona Active cases) की संख्या भी बढ़कर 53,637 पर पहुंच गई है. देश के कुल एक्टिव मरीजों में 50 फीसदी से ज्यादा केवल महाराष्ट्र (Corona Cases In Maharashtra) और केरल से हैं. इन दोनों राज्यों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट भी तेजी के साथ बढ़ रहा है. केरल में मौत के मामलों में भी पहले की तुलना में इजाफा हुआ है और इस राज्य में रिकवरी दर में गिरावट दर्ज की जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में कोरोना के 16278 एक्टिव मामले हैं और महाराष्ट्र में 18267 हैं. इस हिसाब से देखें तो देश के कुल एक्टिव मरीज (53637) में से 34,545 सिर्फ इन दो राज्यों में ही हैं. यानी, कुल एक्टिव मरीजों में से 62 फीसदी केस महाराष्ट्र और केरल से हैं. महाराष्ट्र के मुंबई में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है. इस शहर में एक सप्ताह में ही नए मामलों में 120 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. मुबई मेंं वीकली पॉजिटिविटी रेट भी 15 फीसदी से ज्यादा दर्ज किया गया है. महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट 8.01 और केरल में करीब 12 प्रतिशत हो गया है. पिछले 24 घंटे में सक्रिय मरीजों के मामले में सबसे ज्यादा इजाफा भी महाराष्ट्र में हुआ है.

नए सब वेरिएंट की वजह से बढ़ रहे केस

सफदरजंग हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर के मुताबिक, ओमिक्रॉन के नए सब वेरिएंट्स और कम होती इम्यूनिटी (Immunity) की वजह से कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है. डॉ. के मुताबिक, कोरोना के कुछ केस आते ही रहेंगे. क्योंकि अलग-अलग इलाकों में लोगों की इम्यूनिटी कम होती है. ऐसे में संक्रमण का खतरा रहता ही है.

महाराष्ट्र और केरल दोनों राज्यों में ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट के मामले दर्ज किए गए हैं. ऐसे में हो सकता है कि इन वेरिएंट की वजह से केस बढ़ रहे हैं.

घबराने की जरूरत नहीं

डॉ. का कहना है कि कोरोना के मामलों में अभी कुछ दिन तक इजाफा होता रहेगा, जिन लोगों में इम्यूनिटी कम हो गई है वे फिर से संक्रमित होंगे. लेकिन इसमें पैनिक होने की जरूरत नहीं है. अभी देश में अधिकतर मामलों में ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट ही मिल रहे हैं. ऐसे में खतरा होने की कोई आशंका नहीं है. कोरोना की किसी नई खतरनाक लहर का भी फिलहाल कोई खतरा नहीं है.

डॉ. के मुताबिक, तीसरी लहर मार्च में खत्म हो गई थी. ओमिक्रॉन से जनवरी में लोग संक्रमित होना शुरू हुए थे. तब से लेकर अब तक चार महीने से ज्यादा का समय बीत गया है. ऐसे में लोगों में वायरस से बनी इम्यूनिटी कमजोर हो रही है. चूंकि कोई भी वेरिएंट 60 से 100 दिन बाद फिर से संक्रमित कर सकता है.इस वजह से लोग दोबारा कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं, जिससे केस बढ़ रहे हैं. हालांकि संक्रमितों में हल्के लक्षण ही मिल रहे हैं. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.

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