Cigarette smoking: सिगरेट में मिले हुए केमिकल की जानकारी देने से क्या रुक सकेंगी इससे होने वाली मौतें

Cigratte smoking

अमेरिका सिगरेट (Cigarette) में निकोटिन (Nicotine) की मात्रा तय करने की योजना बना रहा है. अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि निकोटिन की मात्रा घटाने से सिगरेट से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. साथ ही इसके सेवन से होने वाली मौतों में भी कमी आ सकती है. मई 2023 तक यह नीति लागू हो सकती है. इसके तहत सिगरेट में निकोटिन की मात्रा को 95 फीसदी तक घटाने का प्रस्ताव किया गया है. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इससे कोई फायदा नहीं होगा. क्योंकि सिगरेट में निकोटिन के अलावा भी कई प्रकार के केमिकल होते हैं. जो काफी खतरनाक होते हैं.ऐसे में अब केंद्र सरकार सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट में बदलाव करने की तैयारी में है.

इसके तहत सिगरेट के पैकेट पर यह लिखा जाएगा कि इसमें खतरनाक केमिकल की मात्रा कितनी है. ये जानकारी देने के लिए सिगरेट बनाने वाली सभी कंपनियां बाध्य होंगी.दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सिगरेट में खतरनाक केमिकल की जांच के लिए तीन लैब तैयार कर ली गई हैं. अब वैज्ञानिकों की एक समिति बनाई जाएगी, जो यह तय करेगी कि इन केमिकल की जांच कैसे की जाए. अगले दो से तीन महीने में इस योजना के लिए एसओपी भी तैयार करने का काम किया जाएगा.

केमिकल की जानकारी देने से क्या लोग स्मोकिंग करना बंद कर देंगे?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए Tv9 ने कैंसर एक्सपर्ट से बातचीत की है. दिल्ली के धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशयिलिटी हॉस्पिटल के आन्कोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अंशुमान कुमार बताते हैं ” सिगरेट पीने वाले सभी लोगों को पता है कि इसके सेवन से कैंसर होता है. सिगरेट के पैकेट के 70 फीसदी हिस्से में यह लिखा भी रहता है और फोटो भी होती है, लेकिन इसके बावजूद भी आजतक सिगरेट की सेल्स कभी कम नहीं हुई है. अगर पैकेट पर केमिकल की जानकारी और ये कितने खतरनाक हैं. ऐसा लिखा भी गया तो जरूरी नहीं है कि लोग सिगरेट पीना बंद कर देंगें”

डॉ. के मुताबिक, पैकेट पर केमिकल की मात्रा या नाम लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. क्योंकि अधिकतर लोगों को इन केमिकल के बारे में जानकारी ही नहीं है. डॉ. ने कहा कि सिगरेट में मिले तंबाकू में करीब 4 हजार केमिकल होते हैं. अगर इसमें 50 केमिकल भी काफी हानिकारक हुए तो एक पैकेट पर यह सारी जानकारी कैसे दी जा सकेगी. इसके अलावा जरूरी नहीं है कि लोग इस जानकारी को पढें. क्योंकि तंबाकू का सेवन बंद कराने के लिए कई सालों से जागरूकता अभियान चल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी लोग अलग अलग प्रकार से तंबाकू और सिगरेट का सेवन कर रहे हैं.

पूर्ण बैन लगाना होगा

डॉ. अंशुमान के मुताबिक, सिगरेट से होने वाले नुकसान को तभी खत्म किया जा सकता है, जब इसकी खेती से लेकर बिक्री तक सभी लेवल पर इसको बैन किया जाए. ऐसा करने से सिगरेट और तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों और मौतों में कमी आएगी और लोगों का जीवन बेहतर हो सकेगा.

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