CBI ने चित्रा रामकृष्ण और आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ दायर की चार्जशीट, जानें इस घोटाले की पूरी कहानी

CBI files chargesheet against chitra ramakrishna and anand subramanium

CBI ने गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramakrishna) के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. इसके साथ सीबीआई ने एक्सचेंज के पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ भी चार्जशीट (Chargesheet) फाइल की हैं. ANI के मुताबिक, इन दोनों के खिलाफ को-लोकेशन स्कैम केस में चार्जशीट दायर की गई हैं. आपको बता दें कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को-लोकेशन केस में FIR साल 2018 में दर्ज की गई थी. दरअसल, शेयर खरीद-बिक्री के केंद्र देश के प्रमुख नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कुछ ब्रोकरों को ऐसी सुविधा दे दी गई थी, जिससे उन्हें बाकी के मुकाबले शेयरों की कीमतों की जानकारी कुछ पहले मिल जाती थी.

इसका फायदा उठाकर वे भारी मुनाफा कमा रहे थे. धांधली करके अंदरूनी सूत्रों की मदद से उन्हें सर्वर को को-लोकेट करके सीधा एक्सेस दिया गया था.

चित्रा रामकृष्ण का सफर

इसके अलावा बता दें कि भारत के शीर्ष शेयर बाजार NSE की तत्कालीन CEO चित्रा रामकृष्ण ने आठ साल पहले पीटीआई-भाषा को बताया था कि टेक्नोलॉजी एक ऐसा शेर है, जिस पर हर कोई सवार है. उस समय, वह खुद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शीर्ष पद पर शेर की सवारी कर रही थी.

NSE ने 1994 में अपनी शुरुआत के एक साल के भीतर भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार के तौर पर 100 साल पुराने BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) को पछाड़ दिया था. NSE के परिष्कृत एल्गोरिथम आधारित सुपरफास्ट ट्रेडिंग में एक तकनीकी खराबी आने से शेयर कारोबार की पुरुष प्रधान दुनिया में रामकृष्ण को एनएसई के शीर्ष पद पर आने का मौका मिला. एनएसई में पांच अक्टूबर 2012 की सुबह आई इस तकनीकी खराबी से निवेशकों के लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का सफाया हो गया.

एनएसई के सीईओ रवि नारायण को पद छोड़ना पड़ा और कुछ महीने बाद 13 अप्रैल 2013 को एनएसई की कमान औपचारिक रूप से चित्रा रामकृष्ण को सौंप दी गई. आज 59 साल की रामकृष्ण एक विचित्र घोटाले के केंद्र में हैं, जब सेबी की जांच में यह पता चला कि एक्सचेंज के प्रमुख व्यावसायिक फैसले लेने में उन्हें एक रहस्यमय हिमालयी योगी निर्देश दे रहे थे.

बाजार नियामक सेबी के एनएसई मामले में 190 पेज के आदेश में अन्य बातों के अलावा यह कहा है कि एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी चित्रा रामकृष्ण पर हिमालय की पहाड़ों में रहने वाले आध्यात्मिक गुरु का प्रभाव था. यह मामला आनंद सुब्रमण्यम को मुख्य रणनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्ति किए जाने और उनका पदनाम बदलकर समूह परिचालन अधिकारी और प्रबंध निदेशक के सलाहकार किए जाने के लिए कंपनी संचालन में खामियों से भी जुड़ा है.

Similar Posts