Boris Johnson In India: PM जॉनसन को गिफ्ट की जाएगी मीराबेन की आत्मकथा, महात्मा गांधी की रहीं शिष्या

Boris Johnson In India

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson In India) आज गुरुवार को दो दिन के भारत दौरे पर पहुंच गए और अहमदाबाद पहुंचने पर उनका जोरदार अंदाज में स्वागत किया गया. जॉनसन यहां के बाद दिल्ली आएंगे जहां उनकी मुलाकात शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी से होगी. यात्रा के दौरान अहमदाबाद में साबरमती आश्रम की ओर से महात्मा गांधी की शिष्या ब्रिटिश एडमिरल की बेटी मेडेलीन स्लेड (Madeleine Slade) उर्फ मीराबेन (Mirabehn) की आत्मकथा ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को उपहार स्वरूप दी जाएगी.

साबरमती आश्रम आज महात्मा गांधी की शिष्या ब्रिटिश एडमिरल की बेटी मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन की आत्मकथा को प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को उपहार के रूप में देगा. मीराबेन की आत्मकथा The Spiritual Pilgrimage है. उन्होंने Bapu’s Letters to Mira और New and Old Gleanings भी लिखी थी. महात्मा गांधी की ओर से लिखी गई पहली दो पुस्तकों में से ये एक हैं जो कभी प्रकाशित नहीं हुईं. जॉनसन गुजरात जैव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर भी जाएंगे. साथ ही पीएम जॉनसन वडोदरा शहर के पास हलोल में जेसीबी कंपनी के एक संयंत्र का भी दौरा करेंगे.

एएनआई का यह ट्वीट पढ़िए

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इसके बाद पीएम बोरिस जॉनसन दिल्ली आ जाएंगे और शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. उनकी इस यात्रा से मुक्त व्यापार समझौते के प्रस्ताव में तेजी आने, हिंद प्रशात क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलने और रक्षा संबंधों के आगे बढ़ने की संभावना है.

कौन हैं मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन

बंबई (अब मुंबई) में नौसेना के ईस्ट इंडीज स्क्वाड्रन में कमांडर इन चीफ के रूप में तैनात सर एडमंड स्लेड के घर में मेडेलीन स्लेड का जन्म 22 नवंबर 1892 को हुआ. ब्रिटिश सैन्य अफसर के घर जन्मीं मेडेलीन स्लेड को भारत में लोग मीरा बेन के नाम से जानते हैं. मेडेलीन महात्मा गांधी से इतनी ज्यादा प्रभावित हुईं कि वह हमेश के लिए हिंदुस्तान में बस गईं. महात्मा गांधी ने ही मेडेलीन को उनका नया नाम दिया- ‘मीरा बेन’. उन्हें अंग्रेजी के अलावा फ्रेंच, जर्मन और हिंदी समेत कई अन्य भाषाएं भी सीखीं.

भारत सरकार ने पद्म विभूषण से नवाजा

मीरा बेन हिंदुस्तान में बसने के बाद हमेशा देशी परिधानों में ही नजर आईं. वह सादी धोती पहनती और सूत कातती. गांव-गांव घूमती रहतीं. 7 नवंबर 1925 को मेडलीन की महात्मा गांधी से पहली बार मुलाकात हुई थी. उन्होंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों और उनके स्वतंत्रता संग्राम के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. आजादी के जंग में शामिल होने के लिए उन्हें 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के साथ गिरफ़्तार कर किया गया. 1959 में उन्होंने देश छोड़ दिया और ऑस्ट्रिया चली गईं.

मीरा बेन को भारत सरकार ने देश में उनके योगदान के लिए 1982 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया. मीरा बेन इस सम्मान को लेने भारत नहीं आ सकीं. विएना में भारतीय राजदूत ने उनके पास सम्मान पहुंचाया. 20 जुलाई 1982 को उनकी मृत्यु हो गई.

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