BJP में विलय हो जाए तभी बनेगी सरकार? हिंदुत्व की सरकार चाहिए तो फडणवीस ही क्यों… क्या शिंदे इधर के रहेंगे या उधर के!

Eknath Shinde Pti

बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर के ट्वीट ने गुरुवार सुबह एक नई चर्चा को जन्म दे दिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भाजपा ने यह शर्त रखी है कि महाराष्ट्र में ताजपोशी तभी हो जब शिंदे के साथ जितने भी विधायक हैं उनका भाजपा में विलय हो जाए. हालांकि, एकनाथ शिंदे कई बार कह चुके हैं कि वह शिवसेना को नहीं छोड़ेंगे.

अंबेडकर जैसे राजनीति के दिग्गज के ट्वीट पर कई लोगों की भौंहें चढ़ गई हैं. ट्विटर पर इनके पोस्ट पर कोई कह रहा है कि शिंदे न अब घर के रहेंगे न घाट के, तो वहीं कुछ का कहना है कि ये सच भी हो सकता है. शिंदे ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने न तो शिवसेना को छोड़ा है और न ही छोड़ेंगे. लेकिन वो हिंदुत्व के साथ रहेंगे. उन्होंने सत्ता के लिए विश्वासघात नहीं करने का वादा किया है.

अनिल भगत नाम के यूजर ने कहा कि यही तो बात है, वरना हिंदुत्व की बात होती तो BJP भी शिवसेना को सपोर्ट दे सकती थी. हिंदुत्व की सरकार चाहिए तो देवेंद्र ही क्यों??? वहीं, आनंद राज नाम के यूजर ने कहा, ये पहले से प्लानिंग है बीजेपी वालों की लेकिन देखना न ही ये सिंधे इधर के रहेंगे और न ही उधर के.

इस बीच बड़ी बात ये है कि भाजपी की तरफ से सरकार बनाने को लेकर या इसके दावे को लेकर कोई बात नहीं कही गई है. हालांकि, सियासी हलके में यह बात काफी चर्चा में है जिसमें कहा जा रहा हैकि प्रकाश अंबेडकर को बीजेपी और शिंदे गुट के बीच की अंदरूनी बातचीत के बारे में ट्वीट नहीं करना चाहिए था.वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रकाश अंबेडकर ने आज सुबह तीन भाषाओं में ट्वीट किया है और सभी में एक ही सवाल उठाया है.

इस बीच, गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के पास विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. फिलहाल शिंदे गुट के पास 41 विधायक होने का दावा है. यानी दो तिहाई से ज्यादा विधायक शिंदे गुट के पास हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे के पास सिर्फ 14 विधायक बचे होने की संभावना है. आशीष जायसवाल भी आज सुबह तीन विधायकों के साथ गुवाहाटी पहुंचे हैं. हाल ही में खबर आई है कि शिवसेना प्रमुख के बेहद करीबी सदा सर्वंकर और दीपक केसरकर जायसवाल के साथ गुवाहाटी पहुंचे हैं.

एकनाथ शिंदे की बगावत के तीन दिन बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना के पास गिने-चुने विधायक ही बचे हैं. वहीं, सूरत से लौटे विधायक नितिन देशमुख आज मातोश्री में उद्धव ठाकरे से मिलने जा रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया है कि सभी विधायक एकनाथ शिंदे के साथ लौटेंगे. हालांकि दावा है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना के पास सिर्फ 14 विधायक हैं जबकि एकनाथ शिंदे के पास 41 विधायक हैं.

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