Bihar: मुकेश सहनी को RJD का ऑफर, बिना शर्त साथ आइये तो स्वागत है, लेकिन लालू प्रसाद से नहीं हो पा रही है सन ऑफ मल्लाह की मुलाकात

Mukesh Sahni, Tejashwi Yadav

बिहार की सियासत में पहले महागठबंधन और फिर एनडीए से बेआबरू होकर निकले मुकेश सहनी (Mukesh sahni ) सियासी जमीन पाने लिए छटपटा रहे हैं. एनडीए में रहने के बाद भी लालू प्रसाद (Lalu prasad) की तारीफों की पुल बांधने वाले मुकेश सहनी की लालू प्रसाद से एक अदद मुलाकात नहीं हो पा रही है. वह इस कोशिश में दिल्ली से पटना एक कर रहे हैं. मंगलवार को भी मुकेश सहनी लालू प्रसाद से मिलने दिल्ली पहुंचे थे लेकिन उनकी मुलाकात उनसे नहीं हो सकी. इस बीच लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले भोला यादव ने सहनी से कहा कि लालू प्रसाद से मिलने की आवश्यकता नहीं है. उनके लिए पटना में तेजस्वी यादव ही काफी हैं.

दिल्ली लालू प्रसाद से मिलने पहुंचे मुकेश सहनी से भोला यादव ने कहा कि ‘लालू यादव चाहते हैं कि आप तेजस्वी यादव से मिलकर बात कीजिए. इधर कहा जा रहा है कि मुकेश सहनी लालू प्रसाद के अलावे किसी से बात नहीं करना चाहते हैं. लालू प्रसाद से मुलाकात नहीं होने के बाद वह देर शाम पटना लौट आए.

आरजेडी का बिना शर्त वाला ऑफर

आरजेडी के साथ राजनीति करने की कोशिश कर रहे सहनी के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है. आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा है कि मुकेश सहनी बिना शर्त तेजस्वी यादव का नेतृत्व स्वीकार करेंगे तो उन्हें आरजेडी के साथ काम करने की अनुमति दी जा सकती है. मुकेश सहनी को फिर से महागठबंधन में शामिल किया जाए या नहीं यह आरजेडी का नेतृत्व ही तय कर सकता है

‘साथ होते तो तेजस्वी सीएम होते’

वहीं आरजेडी के ऑफर पर मुकेश सहनी की पार्टी ने कहा है कि 2020 के चुनाव में हमारी पीठ में खंजर नहीं भोंका गया होता तो आज के समय में तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री होते. वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीआईपी की मल्लाह और अतिपिछड़ा वोट बैंक ने बीजेपी को 25 से ज्यादा सीटों पर जीत दिलाने में मदद की. वहीं आरजेडी के साथ पार्टी जाएगी या नहीं इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आरजेडी के साथ हमारा किस तरह का समझौता होगा या फिर नहीं होगा इस पर फैसला पार्टी की बैठक में लिया जाएगा

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