Bank Strike: बैंक यूनियनों की हड़ताल टली, 27 जून को ठप नहीं होगा कामकाज

Bank Strike

बैंक यूनियनों ने 27 जून को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी है. यूनियनों का कहना है कि वे अपनी मांगों पर बातचीत के लिए बैठेंगे और वार्ता के जरिये मामला सुलझाने पर ध्यान दिया जाएगा. अपनी मांगों को लेकर बैंक के संगठनों ने 27 जून को कामकाज ठप करने की योजना बनाई थी. लेकिन इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) इन मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है जिसके बाद हड़ताल को टाल दिया गया है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBA) में 9 बैंकों के अलग-अलग यूनियन शामिल हैं जो हड़ताल करने वाले थे. हफ्ते में 5 दिन काम और पेंशन जैसी मांगों को लेकर हड़ताल बुलाई गई थी. बैंकों के कर्मचारी नेशनल पेंशन स्कीम को हटाकर ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करना चाहते हैं.

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के अंतर्गत देश के 9 अलग-अलग बैंकों के संगठन आते हैं. इनमें ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन, ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स शामिल हैं. इन संगठनों ने पेंशन और हफ्ते में 5 दिन के काम की मांग को लेकर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी. बैंक कर्मचारियों की ये मांगें पुरानी हैं और उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही. बैंकों के संगठन पहले भी हड़ताल कर चुके हैं और 27 जून को भी कामकाज ठप करने की प्लानिंग बनाई गई थी. लेकिन अभी वार्ता से मामला सुलझाने की संभावना दिख रही है, जिसके बाद संगठनों ने हड़ताल टाल दी है.

1 जुलाई को होगी बातचीत

बातचीत के लिए आईबीए और बैंकिंग संगठनों के बीच एक समझौता हुआ है. समझौते के मुताबिक 1 जुलाई को बैंक संगठनों की अलग-अलग मांगों पर वार्ता होगी. इसकी जानकारी एआईबीईए के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने दी और कहा कि मांगों को लेकर चीफ लेबर कमिश्नर की अध्यक्षता में वार्ता शुरू की जाएगी. बैंक संगठनों और यूनियनों ने सभी पेंशनर्स के पेंशन में बदलाव करने की मांग की है. बैंकों का संगठन नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में शामिल नहीं होना चाहता और ये ओल्ड पेंशन स्कीम में फिर से बहाल होना चाहते हैं. संगठनों की मांग है कि सभी बैंकिंग कर्मचारियों को पुराने पेंशन सिस्टम से पेंशन दी जाए और एनपीएस को खत्म कर दिया जाए. बैंकों में काम करने वाले कर्मचारी हफ्ते में 5 दिन काम और दो दिन की छुट्टी चाहते हैं. इस बात को लेकर भी पहले से विरोध चल रहा है.

7 लाख बैंककर्मियों की चेतावनी

ऑल इंडिया बैंकिंग ऑफिसर्स कनफेडरेशन की जनरल सेक्रेटरी सौम्या दत्ता ने हाल में कहा था कि 27 जून की हड़ताल में पूरे देश में लगभग 7 लाख बैंककर्मी हिस्सा लेंगे और कामकाज बंद रखेंगे. अगर सरकार और बैंक प्रबंधन उनकी मांगों को नहीं मानता है तो हड़ताल जारी रखी जाएगी. दत्ता ने कहा कि बैंककर्मियों की मांगों पर सरकार और प्रबंधन दोनों ध्यान नहीं दे रहे. यही वजह है कि कर्मचारियों को हड़ताल करने की नौबत आ रही है. अगर हड़ताल हुई तो बड़े पैमाने पर लोग प्रभावित होंगे. लेकिन समय रहते इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन वार्ता के लिए तैयार हो गया है. इस भरोसे पर बैंकिंग संगठनों ने 27 जून की हड़ताल फिलहाल टाल दी है.

मार्च में भी हुई थी हड़ताल

इससे पहले मार्च महीने में संगठनों ने हड़ताल की थी जिसका बैंकों के कामकाज पर गंभीर असर देखा गया था. यूनियनों ने सरकार के उस कदम के विरोध में हड़ताल की जिसमें दो सरकारी बैंकों को प्राइवेट करने का फैसला लिया गया. बजट में बैंकों के निजीकरण का निर्णय लिया गया था. बैंक यूनियन किसी भी सूरत में बैंकों का प्राइवेटाइजेशन नहीं चाहते. बैंक यूनियनों की मांग जमा राशि पर ब्याज दर बढ़ाने और सर्विस चार्ज घटाने की भी रही. केरल, बंगाल और तमिलनाडु में बैंकिंग कामकाज पर बेहद बुरा असर देखा गया. सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के बैंककर्मियों ने हड़ताल के दूसरे दिन हिस्सा लिया और कामकाज बंद कर दिया. बैंक के अलावा अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों ने भी सरकारी नीतियों के खिलाफ हड़ताल निकाली.

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