Anti-Terrorism Day: देश में 21 मई को मनाया जाएगा आतंकवाद विरोधी दिवस, गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखा पत्र

Amit Shah

केद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ मंत्रालयों को 21 मई को “उचित तरीके से” आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti-Terrorism Day) मनाने के लिए पत्र लिखा है. यह पत्र सचिवों को भेजा गया है. इस दिन के महत्व को ध्यान में रखते हुए पत्र में कहा गया है, “हर साल 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य युवाओं को आतंकवाद (Terrorism) और हिंसा के रास्ते से दूर करना है. साथ ही साथ आम लोगों की पीड़ाओं को सामने लाना और यह दिखाना कि यह कैसे राष्ट्रीय हित के लिए हानिकारक है.”

गृह मंत्रालय ने कहा है कि सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में आतंकवाद विरोधी शपथ ली जा सकती है. प्रतिभागियों और आयोजकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और सार्वजनिक समारोहों से बचने के लिए अधिकारियों को सलाह दी जा सकती है कि वे अपने कमरों और कार्यालयों में ही आतंकवाद विरोधी शपथ लें.

इसके अलावा पत्र में कहा गया है, ‘डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आतंकवाद विरोधी मैसेज के प्रचार के लिए तमाम तरीकों पर भी विचार किया जा सकता है.’ गृह मंत्रालय की ओर से पत्र जारी करने वाले संबंधित अधिकारी ने कहा, “मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया आतंकवाद विरोधी दिवस का उचित तरीके से पालन करें.” इससे पहले भी तमाम आतंकवाद विरोधी कार्यक्रम और अभियान आयोजित किए गए थे.

सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जाए ध्यान- गृह मंत्रालय

COVID-19 महामारी के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने आगे कहा, ‘सामाजिक दूरी बनाए रखने और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित और अनुशंसित मास्क पहनने जैसे निवारक उपायों का पालन करना अनिवार्य है.’ पत्र में बताया गया कि इस साल 21 मई को शनिवार पड़ रहा है इसलिए दूर-दराज के इलाकों से आने वाले कर्मचारियों को असुविधा न हो इसके लिए वे 20 मई को ही ‘शपथ समारोह’ आयोजित कर सकते हैं. हालांकि, अगर 21 मई को अवकाश नहीं है, तो शपथ समारोह 21 मई को आयोजित कराया जाए. पत्र की एक प्रति राष्ट्रपति सचिवालय, उपराष्ट्रपति सचिवालय, प्रधान मंत्री कार्यालय, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, कैबिनेट सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय, लोकसभा सचिवालय और नीती आयोग को भी भेजी गई है.

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