Akshaya Tritiya 2022: अक्षय तृतीया पर इन गलतियों के कारण रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी, आदमी हो जाता है ठन-ठन गोपाल

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सनातन परंपरा में वैशाख मास (Vaishakh Month 2022) के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया या फिर अखा तीज (Akha Teej 2022) के नाम से जाना जाता है. मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत ही शुभ मानी जाने वाली यह पावन तिथि इस साल 03 मई 2022 को पड़ने जा रही है. पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त के माना गया है. मान्यता है कि इस दिन सृष्टि के पालनहार माने जाने वाले भगवान श्री विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा, जप-तप और दान (Daan) आदि करने पर साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होती है. तमाम तरह के व्रत एवं पर्व की तरह अक्षय तृतीया की पूजा के लिए कुछ जरूरी नियम निर्धारित हैं, जिनकी अनेदखी करने पर साधक को शुभ की जगह अशुभ फल मिल सकते हैं. आइए अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) की पूजा, जप-तप, दान आदि से जुड़े नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं.

  1. धन-धान्य की कामना रखने वाले व्यक्ति को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर देर तक नहीं सोना चाहिए. सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करके प्रात:काल ही भगवान श्री विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. पूजा को सफल बनाने के लिए साधक को न सिर्फ तन से बल्कि मन से भी पवित्र होकर पूरी श्रद्धा भाव के साथ पूजा करना चाहिए.
  2. सनातन परंपरा के अनुसार न सिर्फ दान लेने के बल्कि दान देने के भी कुछ नियम होते हैं. जैसे हमेशा उचित व्यक्ति को उचित वस्तु का उचित समय पर ही दान देना चाहिए. ऐसे में यदि आप अक्षय तृतीया के दिन अपने दान का संपूर्ण फल पाना चाहते हैं तो उस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को ही अन्न,वस्त्र, धन आदि का दान करें.
  3. अक्षय तृतीया के दिन जब आप अपने धन स्थान की सफाई करने या फिर पूजा करने जाएं तो उसे भूलकर भी जूठे हाथ या फिर गंदे वस्त्र पहनकर न स्पर्श करें. मान्यता है कि धन की देवी का वास स्वच्छता में रहता है, ऐसे में इस दिन शुद्धता और पवित्रता का पूरा ख्याल रखें और दीपावली की तरह पूरे घर की साफ-सफाई करें और शाम के समय घर के बाहर देहरी में शुद्ध घी का दीया जलाएं.
  4. अक्षय तृतीया के दिन घर के किसी भी हिस्से में अंधेरा न रहने दें और शाम होते ही सभी जगह की लाईट जलाएं या फिर शुद्ध घी का दीया जलाकर रखें. मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन द्वार पर दो और तुलसी जी और माता लक्ष्मी के पास एक-एक दीया जलाने धन संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं.
  5. मान्यता है कि बगैर तुलसी के भगवान श्री विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसे में श्रीहरि से मनचाहा वरदान पाने के लिए उनके प्रसाद में तुलसी दल अवश्य चढ़ाएं, लेकिन ध्यान रहे कि तुलसी को कभी भी अपवित्र होकर नहीं छुआ या फिर तोड़ा जाता है. इसी प्रकार रात्रि के समय भी तुलसी दल तोड़ने की गलती न करें, अन्यथा पूजा का शुभ फल मिलने के बजाय दोष लग जाता है.
  6. अक्षय तृतीया के दिन व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए और किसी भी के प्रति ईष्र्या, क्रोध या फिर कलह नहीं करना चाहिए.
  7. अक्षय तृतीया के दिन यदि आपके पास कोई व्यक्ति मदद मांगने या फिर कोई गरीब धन या भोजन मांगने आए तो उसे खाली हाथ न जाने दें. इस दिन किसी कमजोर या बुजुर्ग व्यक्ति का भूलकर भी न तो अपमान करें और न ही अपशब्द का प्रयोग करें.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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