Agneepath Scheme: Lt Gen बीएस राजू बोले- ‘अग्निपथ योजना’ से भारतीय सेना होगी ज्यादा युवा और फिट

Indian Army Smytr Pti

केंद्र सरकार की ओर से भारतीय सेना में भर्ती को लेकर दशकों पुरानी परंपरा की जगह ‘अग्निपथ योजना’ (Agneepath Recuritment Scheme) के तहत नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया गया है. भारतीय सेना (Indian Army) के तीनों अंगों से जुड़े अफसर इस योजना की जमकर तारीफ कर रहे हैं. सेना उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू (Lt Gen BS Raju) ने कहा कि नई भर्ती योजना के जरिए भारतीय सेना ज्यादा युवा और फिट हो जाएगी.

सेना उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि अग्निपथ का असर भारतीय सेना को युवा, ज्यादा फिट और शायद अधिक तकनीक-प्रेमी बनाने में दिखेगा. इस योजना की खूबी यह है कि इसे बहुत ही धीमी गति से पेश किया जा रहा है. योजना के पहले साल में हमें करीब 40,000 भर्तियां मिल रही हैं. चयन प्रक्रिया के बारे में सेना उपप्रमुख ने कहा कि इन भर्तियों का चयन अखिल भारतीय स्तर पर किया जाएगा और इन्हें 6 महीने के प्रशिक्षण से भी गुजरना होगा. इसके बाद वे अगले 3.5 साल तक सेवा देंगे.

योग्य लोगों को सेना में बनाए रखेंगेः राजू

उन्होंने कहा कि 4 साल के अंत में, हम उन 25% लोगों को बनाए रखने पर विचार कर रहे हैं, जिनके बारे में हमें लगेगा कि उनमें सेना में रहने की क्षमता और योग्यता है.

लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा, ‘हम शेष 75% की रिलीज कर देंगे. मुझे लगता है कि इस योजना से हम भविष्य के युद्ध लड़ने के लिए तैयार रहेंगे.’ उन्होंने कहा कि सेना के जवान की औसत आयु लगभग 32-33 साल है. जबकि अग्निपथ के साथ, करीब 8-10 सालों में, हम सैनिकों की औसत उम्र करीब 26 साल तक करने में सक्षम होंगे. यह आर्मी को ज्यादा फिटर बनाएगा. हम उन कठिन क्षेत्रों में अधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को संभालने में सक्षम होंगे जहां सैनिक काम करते हैं.

‘अग्निपथ’ भर्ती योजना दूरदर्शी कदम: एडमिरल कुमार

इसी तरह नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कल मंगलवार को कहा कि ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना एक “दूरदर्शी कदम” है, जो भारत के नौसैन्य कौशल की “प्रभावशीलता और दक्षता” को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. एडमिरल कुमार ने यह भी कहा कि यह योजना ‘अग्निवीरों’ को युद्धपोतों, पनडुब्बियों, सैन्य विमानों, विमान वाहकों और नवीनतम हथियारों के साथ काम करने का एक शानदार अनुभव भी प्रदान करेगी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ दिल्ली में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में नौसेना प्रमुख कुमार ने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि अग्निपथ योजना नए युग की नई सोच है. हम सभी जानते हैं कि वर्तमान की और भविष्य की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं और इन चुनौतियों से उचित तरीके से निपटने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हम अपने दृष्टिकोण और क्षमताओं को बदलें.’नौसेना प्रमुख ने कहा कि यह भर्ती योजना युवाओं की आकांक्षाओं और सशस्त्र बलों की भविष्य की जरूरतों में ‘संतुलन’ स्थापित करेगी.

थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने भी मंगलवार को कहा कि ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना के क्रियान्वयन के चलते चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के पास सेना की परिचालन क्षमताओं और तैयारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

जनरल पांडे ने कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि अग्निपथ योजना के कार्यान्वयन के दौरान सीमाओं पर सेना की परिचालन क्षमता और तैयारियां तथा आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की उसकी क्षमता पूरी तरह से बरकरार रहेगी.’ सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव से बल में “नया जोश और आत्मविश्वास” आएगा.

सशस्त्र बलों में इस साल 46,000 अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी. नई भर्ती योजना के तहत भर्ती के लिए प्रक्रिया 3 महीने यानी 90 दिनों के अंदर शुरू कर दी जाएगी.

इनपुट- एजेंसी

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