Actress Assault Case : केरल उच्च न्यायालय ने अभिनेत्री के यौन शोषण मामले की जांच के लिए दिया 30 मई तक समय

Court Order

केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) ने 2017 में दर्ज हुए अभिनेत्री के यौन शोषण मामले की जांच के लिए केरल पुलिस की क्राइम ब्रैंच को और 40 दिन का समय दिया है. न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ (Justice Kauser Edappagath) के एकल पीठ (सिंगल बेंच) ने कहा कि क्राइम ब्रैंच को 30 मई से पहले इस मामले में जांच (Actress Assault Case) पूरी कर देनी चाहिए. दरअसल इससे पहले, जांच के लिए क्राइम ब्रैंच को 15 अप्रैल तक का समय दिया गया था. अदालत ने सुनवाईं से पहले यह देखा कि जांच दल ने कुछ और ऑडियो क्लिप बरामद किए और उन्हें भी उन्होंने कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया. हालांकि उन्होंने यह कहा कि इन सबूतों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने की आवश्यकता है.

दरअसल क्राइम ब्रैंच ने कोर्ट के सामने आगे की जांच के लिए तीन महीने मांगे थे लेकिन कोर्ट ने उन्हें सिर्फ डेढ़ महीने का ही समय दिया है. अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है कि जांच करने वाली ‘क्राइम ब्रैंच’ की टीम मीडिया के सामने उनके काम और सबूतों को लेकर कोई भी जानकारी नहीं देगी. यह निर्देश मलयालम अभिनेता दिलीप के बहनोई सूरज की एक याचिका पर विचार करने के बाद कोर्ट की तरफ से लिया गया है. उन्होंने इसके खिलाफ मीडिया में हो रही बातों को लेकर याचिका दर्ज की थी.

अब से नहीं होंगे मीडिया ट्रायल्स ?

सूरज ने अपनी याचिका में इस पूरे मामले को लेकर हो रही मीडिया ट्रायल को प्रतिबंधित करने की मांग की गई थी. आपको बता दें एक्टर दिलीप इस मामले में आठवें आरोपी हैं. तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्री ने उनके खिलाफ कुछ संगीन आरोप किए हैं. इस एक्ट्रेस ने कथित तौर पर कहा हैं कि कुछ लोगों ने उनका अपहरण करते हुए उनके साथ छेड़छाड़ की थी. उनका कहना है कि यह हादसा उनके साथ 17 फरवरी, 2017 की रात को हुआ था.

बढ़ती जा रही हैं दिलीप की मुश्किलें

दूसरी तरफ इस मामलें में गिरफ्तार हुए एक्टर दिलीप की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं. केरल हाई कोर्ट ने एक्टर द्वारा दायर की गई याचिका को भी खारिज कर दिया है. इस याचिका में दिलीप की तरफ से केरल पुलिस की क्राइम ब्रैंच द्वारा उनके खिलाफ 2017 में अभिनेत्री के साथ की गई मारपीट के मामले में, हत्या की साजिश के लिए दायर प्राथमिकी को रद्द करने की मां की गई थी. हालांकि न्यायमूर्ति जियाद रहमान एए के बेंच ने इस याचिका को खारिज कर दिया है.

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