AAP के MCD चुनाव प्रभारी को ED के समन पर बवाल, सिसोदिया ने हमला बोला

ईडी के सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों जब ईडी ने इस मामले में आरोपी विजय नैयार के मुंबई स्थित घर में सर्च ऑपरेशन चलाया था, उस समय आप विधायक दुर्गेश पाठक वहां मौजूद थे. इस मामले में ईडी डिजीटल एविडेंस जुटाने के उद्देश्य से दुर्गेश पाठक को तलब किया है.

आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक.

Image Credit source: फाइल फोटो

दिल्ली की शराब नीति में कथित घोटाले के मामले में ED ने आम आदमी पार्टी के एमसीडी चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक को समन किया है. उन्हें सोमवार को हाजिर होकर बयान दर्ज कराने को कहा गया है. आरोप है कि दुर्गेश पाठक इस मामले के आरोपी विजय नैयर के मुंबई स्थित घर गए थे. उनके ऊपर वित्तीय अनियमितता में शामिल होने का भी आरोप है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने करार हमला बोला है.

उन्होंने कहा कि भाजपा ईडी को अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल कर रही है. मनीष सिसोदिया ने सवाल उठाया कि आखिर एमसीडी के चुनाव प्रभारी का शराब नीति से क्या वास्ता? वैसे भी जब शराब नीति बनी थी, उस समय दुर्गेश पाठक विधायक तक नहीं थे. दुर्गेश पाठक ने खुद बताया कि उन्हें ईडी ने एक्साइज पालिसी में कथित घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए समन दिया है. उन्हें ईडी के सवालों का जवाब देने के लिए सोमवार को ईडी कार्यालय पहुंचना है. उधर, ईडी के सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों जब ईडी ने इस मामले में आरोपी विजय नैयार के मुंबई स्थित घर में सर्च ऑपरेशन चलाया था, उस समय आप विधायक दुर्गेश पाठक वहां मौजूद थे. इस मामले में ईडी डिजीटल एविडेंस जुटाने के उद्देश्य से दुर्गेश पाठक को तलब किया है.

आम आदमी पार्टी का हल्ला बोल

आप विधायक दुर्गेश पाठक एमसीडी चुनाव प्रभारी है. चूंकि निकट भविष्य में एमसीडी के चुनाव होने हैं, ऐसे में वक्त में उन्हें ईडी द्वारा समन जारी किए जाने पर आम आदमी पार्टी ने हल्ला बोल दिया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जहां ट्वीटर पर बयान दिया है, वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चढ़ा ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा है कि जब एक्साइज पालिसी बनी, दुर्गेश पाठक उस समय विधायक भी नहीं थे. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस पालिसी में उनकी क्या भूमिका हो सकती है?

इस मामले में सिसोदिया भी हैं आरोपी

बता दें कि इस मामले में सिसोदिया पर भी शराब माफिया के प्रभाव में आकर शराब नीति बनाने के आरोप लगे हैं. ईडी उनसे पहले ही पूछताछ कर चुकी है. हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें व दुर्गेश पाठक को के खिलाफ राजनीति घेराबंदी कर रही है. वहीं दाव नहीं लगने पर सीबीआई और ईडी को उनके पीछे लगा दिया है. उन्होंने कहा कि ईडी को उनसे पूछताछ में कुछ नहीं मिला तो राजेंद्र नगर से विधायक दुर्गेश पाठक को तलब कर लिया. जबकि पाठक शराब नीति बनने के समय विधायक भी नहीं थे.

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क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2021-22 की शराब नीति को लेकर एजी द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था. इसमें आरोप है कि मनीष सिसोदिया व अन्य अफसरों ने संबंधित प्राधिकरणों से अनुमति लिए बिना ना केवल शराब नीति तैयार कर ली, बल्कि इसे लागू भी कर दिया. इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ लेना बताया गया है. एफआईआर में यहां तक कहा गया है कि सिसोदिया के एक करीबी को इसके लिए समीर महेंद्रु द्वारा करोड़ों में भुगतान किया गया है. समीर एक शराब कारोबारी हैं और उनका नाम भी इस गड़बड़ी में प्रमुखता से लिया गया है. सिसोदिया के साथ इस प्रकरण में अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जून पांडेय को भी शामिल होना बताया गया है.

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