7 साल से इमाम बनकर मस्जिद में रह रहा था रोहिंग्या, ATS ने अलीगढ़ से किया गिरफ्तार, किया था फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल

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अलीगढ़ में फर्जी दस्तावेजों के सहारे इमाम बन कर रह रहे एक रोहिंग्या (Rohingya) को एटीएस लखनऊ की टीम ने गिरफ्तार किया है. यह रोहिंग्या अलीगढ़ (Aligarh) ऊपरकोट इलाके के भोजपुरा की एक मस्जिद में इमाम बनकर पिछले लगभग 7 सालों से रह रहा था और 2 महीने पहले ही इसने थाना सिविल लाइन इलाके के जोहराबाग में किराए पर रहने के लिए एक मकान लिया था. एटीएस टीम (Lucknow ATS) ने मुखबिर की सूचना पर एक दिन पहले इसकी गिरफ्तारी की और पकड़े गए रोहिंग्या को एटीएस लखनऊ ले गई है. बताया जा रहा है कि आज एटीएस इसे लखनऊ न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी. जिसके बाद पुलिस इससे इसके संपर्क और परिवार के विषय में पूछताछ करेगी. आपको बता दें कि इससे पहले भी शहर से फर्जी प्रपत्रों पर रहने वाले रोहिंग्या पकड़े जा चुके है.

अवैध रूप से बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में आकर बसे रोहिंग्या की निगरानी में जुटी एटीएस लखनऊ की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर 1 दिन पहले रात को यदुवंशी शहर के सिविल लाइन क्षेत्र के छोरा भाग इलाके के मकान में किराए पर रह रहे खालिक अहमद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार खालिक अहमद मूल रूप से म्यांमार के आप के आक्याब जिले के मांगड़ू थाना क्षेत्र स्थित वाली बाजार कस्बे का निवासी है. खालिक अहमद 2015 में भारत आया था और फर्जी प्रपत्रों के सहारे भारतीय पहचान पत्र बनवा कर अलीगढ़ में रह रहा था.

देवबंद और मुजफ्फरनगर के मदरसों में भी पढ़ा चुका है आरोपी

खालिक अहमद ने फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाया है. वह यहां भुजपुरा स्थित सुपर कॉलोनी की एक मस्जिद में इमाम का काम कर रहा था. ईटीएफ को यह भी जानकारी में आया है कि इससे पहले वह देवबंद और मुजफ्फरनगर के मदरसों में भी पढ़ा चुका है इस सूचना पर टीम ने वहां घेराबंदी की. इसी घेराबंदी के दौरान खबर मिली कि वह जम्मू से अलीगढ़ लौट रहा है, और एटीएस ने उसे अलीगढ़ आते ही गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद टीम उसे सीधे लखनऊ ले गई जहां उसके खिलाफ एटीएस थाना लखनऊ में धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के अलावा 14 विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

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