43 महीने तक टीम इंडिया से बाहर, IPL से इंग्लैंड तक बरपाया कहर, अब मिल गया मौका

इस साल की शुरुआत में IPL 2022 और फिर इंग्लैंड के रॉयल लंदन वनडे कप में शानदार प्रदर्शन का इनाम उमेश यादव को साढ़े 3 साल बाद टी20 टीम में वापसी के रूप में मिला है.

उमेश यादव ने फरवरी 2019 में टीम इंडिया के लिए पिछला टी20 मैच खेला था.

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किस्मत का ऊंट कब, किस करवट बैठ जाए, कहा नहीं जा सकता. खेलों के मामले में तो ये कहना और भी मुश्किल है. कब किसी खिलाड़ी की किस्मत पलट जाए, पता नहीं चलता. जाहिर तौर पर खिलाड़ियों की किस्मत उनके अपने प्रदर्शन पर भी निर्भर करती है, लेकिन कभी-कभी अच्छे या बुरे प्रदर्शन के बाद भी जो फैसले होते हैं, वो चौंका देते हैं. ताजा उदाहरण हैं भारत क्रिकेट टीम के अनुभवी और सीनियर तेज गेंदबाज उमेश यादव, जिन्हें करीब 43 महीने के लंबे अंतराल के बाद टी20 टीम में फिर से जगह मिली है.

शमी की जगह को मौका

अक्टूबर में 35 साल के होने जा रहे उमेश यादव ने पिछले पांच महीनों में ऐसा प्रदर्शन किया है, कि उनकी किस्मत का पासा ही पलट गया है. उमेश यादव को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 20 सितंबर से शुरू हो रही टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई है. उमेश को ये मौका मिला है टीम इंडिया में उनके ही साथी पेसर मोहम्मद शमी की वजह से, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और इस सीरीज से बाहर हो गए हैं.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछला टी20 मैच

खुद शमी की किस्मत भी अलग-अलग खेल खेल रही है. पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद उन्हें इस फॉर्मेट में टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था, लेकिन अब फिर विश्व कप से ठीक पहले उनकी वापसी हुई थी. अब कोरोना ने बीच में छोटी रुकावट डाल दी है. फिलहाल यहां पर बात उमेश यादव की, जो पिछले कुछ सालों से टीम इंडिया में सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट का हिस्सा रहे हैं. उसमें भी निरंतर मौके नहीं मिलते. ऐसे में उमेश की वापसी ने सबको चौंका दिया है.

संयोग ही है कि उमेश ने भारत के लिए सफेद गेंद से आखिरी मैच फरवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही टी20 सीरीज में खेला था. अब इसी टीम और इसी फॉर्मेट से वह वापस लौटे हैं. उमेश ने 7 टी20 मैचों में 9 विकेट लिए हैं.

IPL में मचाया तहलका

उमेश यादव की वापसी के पीछे बड़ी वजह हालिया महीनों में उनका प्रदर्शन है. इस साल फरवरी में IPL 2022 के लिए हुई मेगा ऑक्शन में पहले कुछ राउंड की अनदेखी के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 1 करोड़ रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा था. उमेश ने फिर टूर्नामेंट के पहले ही मैच से तहलका मचाना शुरू कर दिया था. खास तौर पर पावरप्ले में वह अपनी रफ्तार और स्विंग के दम पर भर-भरकर विकेट ले रहे थे. उन्होंने कोलकाता के लिए सिर्फ 12 मैचों में 16 विकेट हासिल किए थे.

इंग्लैंड में भी दिखाया जलवा

इसके बाद पिछले महीने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए उमेश ने अपना जलवा दिखाया. यहां रॉयल लंदन वनडे कप में उमेश ने मिडिलसेक्स की ओर से सिर्फ 7 मैचों में 16 विकेट उड़ा दिए और टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे. इसी टूर्नामेंट के दौरान उन्हें चोट लगी थी, जिसके बाद वह भारत वापस आए और नेशनल क्रिकेट एकेडमी में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे थे.

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चोट से उबरने के बाद उमेश को वापस काउंटी चैंपियनशिप के लिए इंग्लैंड लौटना था, लेकिन NCA की मेडिकल टीम का मानना था कि उमेश चार दिवसीय मैचों का भार नहीं उठा सकेंगे और उन्हें यहीं रुकना पड़ा. मिडिलसेक्स ने 16 सितंबर को ही उमेश के न आने की जानकारी दी थी. उमेश के लिए ये फैसला बेहतर साबित हुआ है और अब वह टी20 में अपनी काबिलियत दिखा सकेंगे.

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