Fantasy Games: ऑनलाइन गेम से हो रही करोड़ों की कमाई, बस 35 रुपये की टिकट में ले सकते हैं पसंदीदा गेम का मजा

Online Games

Fantasy Games: ड्रीम 11 (Dream11), माई टीम11 ( MyTeam11), माई11 सर्कल (My11Circle), हाउजैट (Howzat), हालाप्ले (Halaplay), 11 विकेट (11Wicket), माईफैब11 ( MyFab11), एमपीएल फैंटेसी क्रिकेट (MPL Fantasy Cricket) और बल्लेबाजी ( Ballebaazi) भारत में भीड़-भाड़ वाली फैंटेसी स्पोर्ट्स कैटेगरी की कुछ कंपनियां हैं. भारत में, FICCI-EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन गेमिंग सेगमेंट 2019 में 6,500 करोड़ रुपये का था और 2022 में 18,700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. KPMG के अनुसार, IPL फैंटेसी लीग की कीमत अकेले 1 बिलियन डॉलर होगी.

सितंबर 2020 में, ड्रीम 11 ने 225 मिलियन डॉलर की कमाई की, जबकि मोबाइल प्रीमियर लीग ने 90 मिलियन डॉलर जुटाए. अभी आईपीएल का 14वां संस्करण चल रहा है, तो दंगल गेम्स का फैंटेसीदंगल भी इस खेल में शामिल हो गया है. दंगल गेम्स, जो पोकरदंगल और रम्मीदंगल नाम से फैंटेसी गेम चलाता है, और इस साल की शुरुआत में सीरीज ए फंडिंग में 10 लाख डॉलर जुटाए हैं, ने लंबे समय से तैयारी के बाद आईपीएल में अपना फैंटेसी गेम शुरू कर दिया.

सरकार की तैयारी

इन फैंटेसी गेम्स की तैयारी देखें तो पता चलेगा कि इनका बाजार कितना बड़ा है और आने वाले समय में खेल के असली मैदान वर्चुअल ही रह जाएंगे. भारत में भी इसके कद्रदान अनगिनत हैं जिसका फायदा गेमिंग इंडस्ट्री को मिल रहा है. इसे देखते हुए सरकार फैंटेसी गेम को लेकर नए दिशा-निर्देश लाने की तैयारी में है. एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार अगर फैंटेसी गेम की संभावनाओं को कैश करा सके तो अथाह कमाई का स्रोत पैदा हो सकता है. लेकिन भारत में चूंकि ऑनलाइन गेम या फैंटेसी गेम को लेकर कोई कानून नहीं है, इसलिए यह पूरा बिजनेस अभी जहां-तहां पसरा हुआ है. सरकार और गेमिंग से जुड़े लोगों की कमाई तभी होगी जब इस बिजनेस को एक प्लेटफॉर्म मिले. सरकार इसकी तैयारी कर रही है.

नया कानून लाएगी सरकार?

अभी हाल में नीति आयोग ने भी इस बात की सिफारिश की है कि ऑनलाइन गेम (online games) को किसी कानून के दायरे में लाने की जरूरत है ताकि यह पूरा बिजनेस नियमबद्ध और नियमित हो सके. कर्नाटक ने अभी हाल में एक कानून पारित कर ऑनलाइन गेम को जुआ की श्रेणी में डाल दिया जिसके बाद फैंटेसी गेम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. जानकार बताते हैं कि अगर राज्य सरकारें अपने हिसाब से अपने-अपने कानून बनाती हैं और ऑनलाइन गेम (online games) पर नकेल कसती हैं तो इसका बाजार चलने से पहले ही बैठ जाएगा. लिहाजा केंद्र सरकार को जितनी जल्द हो सके, अपनी नीति स्पष्ट कर देनी चाहिए. यह मांग उद्योग संगठनों ने उठाई है.

भारत में क्या है हाल

भारत में तेजी से फैंटेसी गेम (fantasy games) का चलन बढ़ रहा है. इसे जानने के लिए हर दिन इस दुनिया में कदम रखती ऑनलाइन गेम की कंपनियों को देख सकते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग ऑनलाइन फैंटेसी गेम खेलते हैं. पहले की तुलना में 212 फीसदी तक ऐसे गेम खेलने वालों की संख्या बढ़ गई है. तकरीबन 140 कंपनियां अभी गेम के इस कारोबार में शामिल हैं. आर्थिक एक्सपर्ट मानते हैं कि आने वाले समय में भारत में ऑनलाइन फैंटेसी गेम (fantasy games) के क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है. 2016 में मात्र 10 कंपनियां ऑनलाइन गेम का कारोबार करती थीं, लेकिन आज तादाद 140 कंपनियों तक पहुंच गई है. भारत में, FICCI-EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन गेमिंग सेगमेंट 2019 में 6,500 करोड़ रुपये का था और 2022 में 18,700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.

फैंटेसी गेम की विशेषताएं

  1. फैंटेसी गेम्स (fantasy games) के अधिकांश खिलाड़ी 25-40 साल के आयुवर्ग के हैं
  2. अधिकांश लोगों की पसंद फैंटेसी गेम्स प्री में खेलने की है. तकरीबन 80 फीसदी एक्टिव यूजर्स इंटरनेट पर फ्री में ऑनलाइन गेम्स खेलते हैं
  3. कुछ यूजर्स पैसे चुकाकर गेम्स खेलते हैं और इसके लिए पे-टू-प्ले फॉर्मेट को अख्तियार किया जाता है. औसतन 35 रुपये की टिकट में इसका पेमेंट हो जाता है
  4. फैंटेसी गेम्स लगभग असली गेम की तरह ही होता है जिसे मैदान पर खेला जाता है. असली गेम की तरह होने के चलते इसे नॉन-एडिक्टिव की श्रेणी में रखा गया है
  5. फैंटेसी गेम्स (fantasy games) खेलने के लिए चुकाए जाने वाले पैसे का 25-30 परसेंट हिस्सा ही यूजर के पॉकेट से आता है
  6. एक आंकड़े के मुताबिक पे-टू-प्ले के लिए पैसे चुकाने वाले 70 फीसदी से अधिक यूजर की सालाना कमाई 3 लाख रुपये से अधिक है

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