History of the Day: आज ही के दिन देश को मिला था भाखड़ा नांगल बांध, पढ़ें क्यों इतिहास के पन्नों में दर्ज है 22 अक्टूबर

Bhakra Dam Min

आज से 58 साल पहले 22 अक्‍टूबर 1963 को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भाखड़ा नांगल डैम राष्‍ट्र को समर्पित किया था. ये डैम ना सिर्फ देश का बल्कि एशिया का भी दूसरा सबसे बड़ा बांध है. भाखड़ा नांगल बांध को बनाने का आइडिया ब्रिटिश जनरल लुई डेन को आया था. लुई एक बार हिमाचल के भाखड़ा में एक तेंदुए का पीछा करते हुए सतलज नदी की तराई में पहुंच गए. यहां उन्होंने सतलज नदी का तेज बहाव देखकर सोचा कि इसका इस्तेमाल बिजली बनाने में किया जा सकता है. इसके साथ ही पढ़ें 22 अक्‍टूबर को इतिहास में दर्ज तरह-तरह की घटनाएं.

भाखड़ा नांगल डैम बनाने के लिए जनरल लुई डेन ने 1908 में ब्रिटिश सरकार को प्रस्ताव भेजा था लेकिन सरकार ने पैसों की कमी का हवाला देते हुए मना कर दिया. बांध की प्रोजेक्ट रिपोर्ट कई बार बनी लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से पास न हो सकी. आखिरकार 1948 में प्रोजेक्ट रिपोर्ट पास हो पाई. जिसमें भाखड़ा डैम, नांगल डैम और नहरों को बनाने का प्रस्ताव था. 1951 में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ, जिसके लिए अमेरिका से इंजीनियरों की टीम बुलाई गई.

भाखड़ा और नांगल दो अलग-अलग बांध हैं, लेकिन एक ही प्रोजेक्ट के तहत दोनों को बनाया गया है. भाखड़ा बांध हिमाचल के बिलासपुर जिले में है, जबकि 10 किलोमीटर दूर पंजाब में नांगल बांध है. 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस परियोजना का उद्घाटन किया था और आज ही के दिन 1963 में डैम को राष्‍ट्र को समर्पित किया गया था.

चंद्रयान-1 का सफल लॉन्च

आज का दिन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए भी बेहद खास है. इसरो ने 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान-1 का सफल लॉन्च किया था. ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बना था. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किए गए चंद्रयान-1 में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और बुल्गारिया में बने 11 साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स लगे थे. इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी चांद पर पानी के होने की पुष्टि. इसरो ने अपने डेटा को एनालाइज कर इसकी घोषणा की थी और दो दिन बाद नासा ने भी इसकी पुष्टि की थी.

देश दुनिया में 22 अक्टूबर को दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा

2011: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में लकड़ी का पुल टूटने से 31 लोगों की मौत हुई. बिजानबारी में अधिकारियों के भाषण सुनने के लिए 150 गांवों से लोग आए थे.

1975: तुर्की के राजनयिक की वियना में गोली मारकर हत्या.

1883: न्यूयॉर्क में ओपेरा हाउस का उद्घाटन.

1879: ब्रिटिश शासन में पहला राजद्रोह का मुकदमा बसुदेव बलवानी फड़के के खिलाफ शुरू हुआ.

1875: अर्जेंटीना में पहले टेलीग्राफिक कनेक्शन की शुरुआत हुई.

1867: नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया की आधारशिला रखी गई.

1796: पेशवा माधव राव द्वितीय ने आत्महत्या की.

 

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