हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर सरकार ने अभी तक नहीं किया कोई फैसला, सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने भेजे हैं 68 नाम

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) की तरफ से अलग-अलग हाई कोर्ट में जजों के रूप में नियुक्ति के लिए भेजे गए 68 न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के नामों पर सरकार का फैसला अब भी लंबित है. उच्च न्यायपालिका में नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने आठ अगस्त से एक सितंबर के बीच हाई कोर्ट में जजों के रूप में नियुक्ति  के लिए अनुंशसा करने के वास्ते करीब 100 नामों पर विचार किया और अंतत: सरकार को 12 हाई कोर्ट में जजों के रूप में नियुक्ति के लिए 68 नाम भेजे.

सूत्रों ने बताया कि चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की तरफ से भेजे गए इन नामों पर सरकार को अब भी फैसला लेना है. उन्होंने बताया कि 68 नामों में कर्नाटक से दो और जम्मू-कश्मीर से एक नाम तीसरी बार सरकार को भेजे गए हैं, जबकि 10 दूसरे नामों को दूसरी बार मंजूरी के लिए भेजा गया है. बाकी नाम सरकार को पहली बार भेजे गए हैं.इन अनुशंसाओं से पहले 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजों के रूप में नियुक्ति के लिए तीन महिलाओं समेत 9 नाम भेजे थे.

सरकार ने इस अनुंशसा पर तेजी से कार्रवाई की, जिसकी वजह से 31 अगस्त को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की. माना जाता है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल समेत आठ न्यायाधीशों के नामों की अनुशंसा अलग-अलग हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पदों के लिए की है. इसके अलावा गुरुवार और शुक्रवार को कॉलेजियम की मैराथन बैठक हुई, जिसमें त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी समेत 5 हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और 28 अन्य न्यायाधीशों के तबादले का फैसला किया गया.

25 हाई कोर्ट में 454 जजों के पद खाली

जुलाई महीने में संसद में पेश सरकार के आंकड़े बताते हैं कि देश के 25 हाई कोर्ट में 454 जजों के पद खाली हैं, जबकि कुल जजों की स्वीकृत संख्या 1,098 हैं. बीते सालों में हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया भी धीमी हुई है. 2018 में देश के अलग-अलग हाई कोर्ट में 108, 2019 में 81 और 2020 में सिर्फ 66 जजों की नियुक्ति हुई. सभी हाई कोर्ट में अभी 644 जज कार्यरत है, जिनमें 567 पुरुष और 77 महिला जज हैं.

सरकार के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा इलाहाबाद हाई कोर्ट में 66 जजों के पद खाली हैं, जबकि पिछले साल सिर्फ 4 जजों की नियुक्ति हुई. इसके अलावा कलकत्ता हाई कोर्ट में 41, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में 39, पटना हाई कोर्ट में 34, बॉम्बे हाई कोर्ट में 31, दिल्ली हाई कोर्ट में 30, तेलंगाना हाई कोर्ट में 28, राजस्थान हाई कोर्ट में 27, मध्य प्रदेश और गुजरात हाई कोर्ट में 24-24 जजों के पद खाली हैं.

ये भी पढ़ें- ऐतिहासिक कदम: इलाहाबाद और कलकत्‍ता समेत 8 हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने की सिफारिश

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने 12 उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति के लिए 68 नामों की सिफारिश की, इलाहाबाद HC में सबसे ज्यादा पद खाली

(इनपुट- भाषा के साथ)

You might also like