भारत में विदेशी पर्यटकों के लिए खुलेंगे रास्ते, जारी किए जाएंगे 5 लाख निशुल्क वीजा

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देश में विदेशी पर्यटकों के प्रवेश का रास्ता जल्द ही खुल सकता है. अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना वायरस के मामलों में कमी को देखते हुए डेढ़ साल में पहली बार भारत जल्दी ही विदेशी पर्यटकों के लिए अपने दरवाजे खोल सकता है. वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण मार्च 2020 में लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित पर्यटन, आतिथ्य और विमानन क्षेत्रों में नई जान डालने की कवायद में पहले 5 लाख विदेशी पर्यटकों को नि:शुल्क वीजा जारी किए जाएंगे.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी विदेशी पर्यटकों को देश में आने देने के लिए संभावित तारीख और तौर-तरीकों पर सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं. मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि विदेशी पर्यटकों को भारत आने देने की इजाजत दिए जाने के संबंध में एक औपचारिक घोषणा अगले दस दिन के भीतर की जा सकती है. यह फैसला देश में कोविड-19 के घटते मामलों के मद्देनजर लिया जा रहा है.

रविवार को देश में कोरोना वायरस के 30,773 नए मामले सामने आए जबकि उपचाराधीन मामले 3.32 लाख से कम हो गए हैं. शनिवार तक देश में 80 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है.

पर्यटकों को मिलेगा निशुल्क वीजा

पर्यटकों को 31 मार्च 2022 तक निशुल्क वीजा अथवा 5 लाख नि:शुल्क वीजा (दोनों में से जो पहले पूरा हो) जारी किया जाएगा . देश में ई-पर्यटक वीजा मार्च 2020 से नहीं जारी किया जा रहा है. गौरतलब है कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी के तेजी से फैलने के कारण विदेशी पर्यटकों की एंट्री बैन कर दी गई थी.

इस सरकार ने घरेलू उड़ानों की संख्या बढ़ाने का भी ऐलान किया है. नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि विमान कंपनियां अब 72.5 प्रतिशत के बजाय कोविड-19 पूर्व घरेलू उड़ानों में से अधिकतम 85 प्रतिशत का संचालन कर सकती हैं.

घरेलू उड़ानों की भी बढ़ेगी संख्या

मंत्रालय के आदेश के अनुसार, विमानन कंपनियां 12 अगस्त से कोविड-19 पूर्व की अपनी घरेलू उड़ानों में से 72.5 प्रतिशत का संचालन कर रही हैं. यह सीमा पांच जुलाई से 12 अगस्त के बीच 65 प्रतिशत थी. एक जून से पांच जुलाई के बीच यह सीमा 50 प्रतिशत थी.

मंत्रालय ने शनिवार को एक नया आदेश जारी किया, जिसमें उसने 12 अगस्त के आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि 72.5 प्रतिशत क्षमता को 85 प्रतिशत क्षमता के रूप में पढ़ा जाए. शनिवार के आदेश में यह भी कहा गया है कि यह सीमा अगले आदेश तक लागू रहेगी.

सरकार ने दो महीने के अंतराल के बाद पिछले साल 25 मई को निर्धारित घरेलू उड़ानों को फिर से शुरू किया था. उस वक्त मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को कोविड-19 पूर्व की अपनी घरेलू सेवाओं के 33 प्रतिशत से अधिक के संचालन की अनुमति नहीं दी थी. दिसंबर तक धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया गया. एक जून तक यह सीमा 80 प्रतिशत तक बनी रही.

मंत्रालय ने कहा था कि देश भर में कोविड-19 के मामलों में अचानक वृद्धि, यात्रियों की संख्या में कमी के मद्देनजर 28 मई को एक जून से अधिकतम सीमा को 80 से 50 प्रतिशत तक लाने का निर्णय किया गया था.

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