चीन की दादागिरी पर बड़ा खुलासा, विश्व बैंक की ‘रिपोर्ट’ में रैंकिंग बढ़ाने के लिए की गई हेरफेर, IMF प्रमुख पर लगे गंभीर आरोप

Xi Jinping

Altering in World Bank Report For China: दुनिया के गरीब और मध्यम आय वाले देशों पर चीन का प्रभाव किस कदर बढ़ रहा है, ये हर कोई जानता है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि अब उसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर भी पड़ रहा है. यह खुलासा एक स्वतंत्र जांच में हुआ है. इसमें पता चला है कि विश्व बैंक की 2018 की एक रिपोर्ट में चीनी दबाव के चलते हेरफेर की गई थी. विश्व बैंक (World Bank) के अधिकारियों और तत्कालीन सीईओ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा पर आरोप है कि उन्होंने बैंक की ‘डूइंग बिजनेस 2018’ की रिपोर्ट में चीन की रैंकिंग को बढ़ा हुआ दिखाने के लिए स्टाफ पर अनुचित दबाव डाला था.

रिपोर्ट बैंक की एथिक्स कमिटी के कहने पर विल्मरहेल कंपनी ने तैयार की थी. जॉर्जीवा वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) की प्रबंध निदेशक हैं. उन्होंने और तत्कालीन विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने चीनी प्रभाव के चलते जो फैसले लिए, उसपर चिंता व्यक्त की जा रही है. हालांकि जॉर्जीवा ने रिपोर्ट के ‘निष्कर्षों पर मौलिक रूप से असहमती जताई है’ और कहा है कि उन्होंने आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड को जानकारी दी थी.

विश्व बैंक समूह ने रिपोर्ट को रद्द किया

इस मामले में गुरुवार को खुलासा हुआ है. जिसके बाद विश्व बैंक समूह (World Bank Group) ने पूरी ‘डूइंग बिजनेस’ रिपोर्ट को रद्द करने का फैसला लिया है. विश्व बैंक ने कहा है कि रिपोर्ट में हुई कथित गड़बड़ी की खबर से बोर्ड के पूर्व अधिकारियों और बैंक के मौजूदा और पूर्व स्टाफ के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. वहीं अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि वह इसपर अध्ययन करेगा. विल्मरहेल की रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ के पूर्व अध्यक्ष रहे जिम योंग किम (Jim Yong Kim) के वरिष्ठ स्टाफ की तरफ से परोक्ष दबाव था कि चीन का बेहतर स्कोर दिखाने के लिए रिपोर्ट में मैथडोलॉजी को बदल दिया जाए. इसी वजह से शायद ऐसा किया भी गया है.

2017 में प्रकाशित हुई थी रिपोर्ट

जॉर्जीवा और प्रमुख सलाहकार शिमोन जोंकोव ने कर्मचारियों पर ‘चीन के डाटा में विशिष्ट परिवर्तन करने’ और रैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए दबाव डाला था. ये वो समय था जब बैंक ने पूंजी के लिए चीन से सहायता मांगी थी. किम और जोंकोव की तरफ से अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. अक्टूबर 2017 में प्रकाशित हुई ‘डूइंग बिजनेस 2018’ रिपोर्ट (Doing Business Report 2018) में चीन की रैंकिंग 7 पायदान ऊपर करते हुए 78 बताई गई थी. ऐसा डाटा मेथोडोलॉजी में बदलाव के बाद हुआ. ‘डूइंग बिजनेस’ रिपोर्ट में किसी देश में बिजनेस के लिए वहां के माहौल का आकलन किया जाता है. जिसमें कई तरह के मानक भी ध्यान में रखे जाते हैं. इस दौरान ये देखा जाता है कि वहां बिजनेस करना कितना आसान है.

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