हाय गर्मी: महिलाओं का दिमाग पुरुषों से ज्यादा गर्म, एक्सपर्ट से जानिए ऐसा क्यों होता है

Human Brains Are Hotter Than Thought Particularly Women On Day Time Says A Study

आसमान से आग बरस रही है और तापमान (Temperature) रिकॉर्ड बना रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि इंसान का शरीर ज्यादा गर्म होता है या दिमाग. वैज्ञानिकों ने इसका जवाब दिया है. ब्रेन जर्नल (Brain Journal) में प्रकाशित रिसर्च में वैज्ञानिकों ने कहा है कि इंसान के शरीर के मुकाबले दिमाग ज्यादा गर्म होता है. किसके दिमाग का तापमान (Brain Temperature) कितना रहता है, वैज्ञानिकों ने इसे अपनी रिसर्च के जरिए समझा और बताया. रिसर्च रिपोर्ट कहती है, इंसान के शरीर का सामान्य तापमान करीब 37ºC होता है, लेकिन इंसान के दिमाग का तापमान शरीर के मुकाबले 2 ºC गर्म हो सकता है. इसे समझने के लिए रिसर्च में शामिल लोगों के दिमाग का तापमान जांचा गया.

इंसान का दिमाग शरीर से ज्यादा गर्म क्यों होता है, महिलाओं के दिमाग का तापमान पुरुषों से ज्यादा क्योंं है और दिमाग का तापमान आखिर कैसे मापा गया? जानिए, इन सवालों के जवाब…

ऐसे मापा गया मस्तिष्क का तापमान

शोधकर्ताओं का कहना है, जब दिमाग का तापमान मापा गया तो रिपोर्ट में सामने आया कि उन लोगों के दिमाग का औसत तापमान 38.5ºC था. IFL साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिमाग का औसत तापमान भले ही 38.5ºC था, लेकिन मस्तिष्क के सबसे गहरे हिस्से का तापमान 40ºC से ज्यादा पाया गया. शोधकर्ताओं ने इंसान के दिमाग और अंदरूनी हिस्सों का तापमान पता लगाने के लिए मैग्नेटिक रेज़ोनेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी (MRS) का इस्तेमाल किया. इसकी मदद से बिना मस्तिष्क में कोई चीरा लगाए तापमान मापा जा सकता है.

कैम्ब्रिज की मेडिकल रिसर्च काउंसिल लैबोरेटरी फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी की रिसर्च में सामने आया कि महिला का दिमाग पुरुषों के मुकाबले ज्यादा गर्म होता है. शोधकर्ता डॉ. जॉन ओ’नील के मुताबिक, मैग्नेटिक रेज़ोनेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी (MRS) की मदद से 20 स 40 साल के 40 लोगों के दिमाग का तापमान चेक किया गया. इनमें 20 पुरुष और 20 महिलाएं थीं.

इसलिए महिलाओं का दिमाग ज्यादा गर्म

तापमान के नतीजे सटीक मिलें, इसके लिए एक दिन में तीन बार तापमान को मापा और जो भी बदलाव देखे गए उनकी एनालिसिस की गई. शोधकर्ताओं का कहना है, महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में ज्यादा गर्म होता है. दिमाग के गर्म होने के कारण उम्र, जेंडर, मेंस्ट्रुअल साइकल जैसे फैक्टर जिम्मेदार होते हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है महिलाओं के दिमाग गर्म होने की एक वजह है, मेंस्ट्रुअल साइकल. रिसर्च में पाया गया कि मेंस्ट्रुअल साइकल के कारण महिलाओं के मस्तिष्क का तापमान ज्यादा हो जाता है। महिलाओं के मस्तिष्क का तापमान पुरुषों के मुकाबले आधा डिग्री तक ज्यादा गर्म होता है। खासकर दिन के समय महिलाओं के दिमाग का तापमान करीब 40.9 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।

डॉ. जॉन कहते हैं, रिसर्च में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. कई बार इंसान के दिमाग का तापमान इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि वह बुखार की श्रेणी में आ जाता है. हालांकि, ऐसे मामले उन लोगों में सामने आए हैं जो सिर की चोट से जूझ चुके हैं.

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