हरियाणा के पशुपालन मंत्री ने केंद्र से पशुओं के लिए मांगी 200 मोबाइल वैन

Animal Husbandry

हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन (Animal Husbandry) मंत्री जेपी दलाल ने केंद्र सरकार से पशुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए प्रदेश को 200 मोबाइल वैन देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इससे पशुओं के स्वास्थ्य का परिदृश्य बदल जाएगा. पशुधन क्रेडिट कार्ड (Pashu Kisan Credit Card) के नियमों में संशोधन करके इसे और ज्यादा व्यवहारिक बनाए जाने का आग्रह किया. वे गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में आत्मनिर्भर भारत के तहत केन्द्र सरकार की ओर से आयोजित समर-मीट में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में केंद्रीय पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला भी मौजूद रहे. इस मौके पर दलाल ने प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र के कार्यों का ब्यौरा देते हुए कहा कि हरियाणा प्रति व्यक्ति दूध (Milk) के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है.

जेपी दलाल ने कहा कि खुरपका और मुंहपका रोग (एफएमडी) नियंत्रण के लिए वैक्सीन को हरियाणा में सबसे पहले शुरू किया गया था. इस बीमारी से हरियाणा ने लगभग छुटकारा भी पा लिया है. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पशुओं में जेनेटिक इंप्रूवमेंट की ओर पूरा ध्यान दे रही है. इस अवसर पर उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य के संबंध में केन्द्र सरकार से कोई नई स्कीम बनाने का भी आग्रह किया.

मछलीपालन और मुर्गी पालन में भी अच्छा काम कर रहा हरियाणा

पशुपालन मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन और मुर्गी पालन में हरियाणा अच्छा काम कर रहा है. प्रदेश में काफी पढ़े लिखे युवा इस कार्य में लगे हुए हैं. मछली और पोल्ट्री उत्पादन भी अच्छा है. गुणवत्ता भी अच्छी है और यह रोजगार का अच्छा माध्यम भी है. बता दें कि हरियाणा सरकार ने पूर्व में बताया था कि प्रदेश में 16 लाख किसानों के पास लगभग 36 लाख दुधारू पशु हैं. जिनमें से करीब 8 लाख लोगों को पशुधन कार्ड दिए जाएंगे. ताकि वे अच्छी तरह से पशुपालन कर सकें.

बारदाने की कमी नहीं रहनी चाहिए: दुष्यंत चौटाला

उधर, हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य की मंडियों में किसानों से खरीदे जाने वाले गेहूं के लिए बारदाने की कमी नहीं होनी चाहिए. किसान व मजदूरों के लिए मंडी में व्यापक सुविधाएं होनी चाहिए, ताकि किसी को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े. डिप्टी सीएम चंडीगढ़ में सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा रही गेंहू खरीद व उठान से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

हरियाणा में खरीदा गया 36 लाख टन गेहूं

चौटाला ने बैठक के बाद जानकारी दी कि 19 अप्रैल तक 35.87 लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीद की जा चुकी है. इसमें से 23.13 लाख मीट्रिक टन का उठान केंद्र सरकार के लिए किया जा चुका है. प्रदेश के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसलों का 3686.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. राज्य की लगभग चार सौ मंडियों में गेहूं की खरीद चल रही है. इस साल राज्य में 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा.

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