स्ट्राइक रेट के सवालों पर घिरे केएल राहुल ने कि सबकी बोलती बंद, जानिए क्या कहा

केएल राहुल ने जब से चोट से वापसी की है वह अपनी पुरानी फॉर्म में दिखाई नहीं दिखे हैं और न ही उनकी स्ट्राइक रेट पहले जैसी दिखी है. इसी कारण वह आलोचकों के निशाने पर रहे हैं.

केएल राहुल इस समय बल्लेबाजी को लेकर आलोचकों के निशाने पर हैं. (File Pic)

भारतीय टीम के बल्लेबाज केएल राहुल अपनी बल्लेबाजी को लेकर अलोचना झेल रहे हैं. उनके बल्ले से रन तो निकल नहीं रहे हैं लेकिन इसके अलावा वह अपनी स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचकों के निशाने पर हैं. जनवरी 2021 से अगर उनका टी20 का स्ट्राइक रेट देखा जाए तो यह 127.96 का रहा है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मंगलवार को होने वाले मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल से स्ट्राइक रेट को लेकर सवाल किया गया जिसके जवाब में राहुल ने कहा कि वह इस पर काम कर रहे हैं.

भारतीय टीम के उप-कप्तान राहुल ने सोमवार को कहा कि वह अपने खेल के कई पहेलूओं पर काम कर रहे हैं और स्ट्राइक रेट इसमें से एक है. राहुल एशिया कप में भी ज्यादा सफल नहीं रहे थे. अफगानिस्तान के खिलाफ जरूर उनके बल्ले से कुछ रन निकले थे लेकिन इससे पहले वह जिम्बाब्वे दौरे पर एशिया कप के मैचों में ज्यादा रन नहीं कर पाए थे.

कोई परफेक्ट नहीं- राहुल

राहुल ने अपनी बल्लेबाजी के सवाल को लेकर कहा कि इस दुनिया में कोई परेफेक्ट नहीं है. उन्होंने कहा, “कोई परेफ्कट नहीं होता. ड्रेसिंग रूम में कोई परफेक्ट नहीं है. हर कोई किसी न किसी तरह कुछ हासिल करने के लिए काम कर रहा है. हर किसी का एक निश्चित रोल है. जाहिर सी बात है कि स्ट्राइक रेट का आंकलन किया जाता है. आप ये कभी नहीं देखेंगे कि बल्लेबाज ने कब किस स्ट्राइक रेट से रन बनाए, क्या उसके लिए 200 के स्ट्राइक रेट से रन बनाना जरूरी थी या अगर वो 100-120 के स्ट्राइक रेट से रन बनाता तो भी जीत जाती. इस तरह की चीजों का विश्लेष्ण हर कोई नहीं करता.”

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‘हम खुद करते हैं अपनी आलोचना’

भारतीय टीम मल्टी टीम टूर्नामेंट में अक्सर फेल होती दिखी है. हाल ही में एशिया कप-2022 में भी टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकी थी. इस बात को लेकर टीम की काफी आलोचना होती है. राहुल ने कहा कि टीम किसी और से ज्यादा खुद अपनी आलोचना करती है. उन्होंने कहा, “आलोचना हर बार होती है. आप जितनी आलचोना करते हैं उससे ज्यादा हम खुद अपनी आलोचना करते हैं. हम जीतने का सपना देखते हैं. हम अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. हम विश्व कप जीतना चाहते हैं और यही हमारे दिमाग में है.जब हम अच्छा नहीं करते तब हम अपने आप से ज्यादा दुखी होते हैं.”

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