सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त, 6 लोगों पर केस दर्ज

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झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi Violence) में नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद को लेकर दिए गए बयान के बाद 10 जून को हिंसा हुई थी. इस हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट खूब वायरल हुए. अब पुलिस सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट पर पूरी नजर रखे हुए हैं. पुलिस अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है जो सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले पोस्ट डाल रहे हैं. कोतवाली थाने में साइबर डीएसपी यशोधरा के निर्देश पर फेसबुक और इंस्टाग्राम में भड़काऊ पोस्ट करने वाले छह यूजरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस के मुताबिक जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. उन्होंने फेसबुक और इंस्टाग्राम में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किए और उसे शेयर भी किया है. इसकी जानकारी मिलने पर साइबर सेल की टीम ने इसकी जांच की. जांच करने पर पुलिस को इन यूजरों के कई ऐसे पोस्ट मिले हैं. जिनका मकसद दो समुदाय के बीच नफरत फैलाने वाला है. साइबर सेल की टीम ऐसे और भी यूजरों की जांच कर रही है.

150 हिंदू परिवारों ने घरों के बाहर लगाया मकान बिक्री का पोस्टर

वहीं राज्य के गिरिडीह के हटिया रोड में लगभग 150 हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर मकान बिक्री का पोस्टर चिपका दिया है. दरअसल ये सभी परिवार पुलिस की कार्रवाई से काफी नाराज हैं. इन्होंने झड़प के बाद पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. इसी के चलते मंगलवार को भी लोगों ने पचंबा बाजार बंद रखा. बता दें कि पचंबा के हटिया रोड में 12 जून की रात छेड़छाड़ के मामले को लेकर दो समुदायों के बीच जमकर पथराव हुआ था. इस दौरान पचंबा की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गई थी.

स्थिति ज्यादा ने बिगड़े इसके लिए पुलिस पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाला. इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिग समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर दूसरे दिन सोमवार को हजारीबाग रिमांड होम और गिरिडीह जेल भेज दिया था. अब पुलिस की कई कार्रवाई को एक समुदाय के लोग एकपक्षीय कार्रवाई बता रहे हैं.

पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई की बात को बताया गलत

स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लोग आए दिन होनेवाली पत्थरबाजी, छेड़खानी और निर्दोषों के ऊपर एफआईआर की घटना से त्रस्त हैं. जिसके बाद उन लोगों ने सामूहिक रूप से अपने घरों को बेचकर जाने का फैसला लिया है. लोगों का आरोप है कि दोषी अब भी बाहर घूम रहे हैं और पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं पुलिस का कहना है जो गलत है उस पर कार्ऱवाई होगी. अगर लोगों को किसी प्रकार की शिकायत है तो आवेदन दें कार्रवाई होगी, लेकिन एकपक्षीय कार्रवाई की बात गलत है.

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