सियाचिन: 19061 फीट की ऊंचाई पर अब धड़ाधड़ चलेगा इंटरनेट, सेना ने सर्विस को किया एक्टिवेट

दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में अब धड़ाधड़ इंटरनेट चलेगा क्योंकि इंडियन आर्मी की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने सियाचिन ग्लेशियर पर सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस को एक्टिवेट कर दिया है.

सियाचिन में सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सेवा शुरू

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दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में अब धड़ाधड़ इंटरनेट चलेगा क्योंकि इंडियन आर्मी की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने सियाचिन ग्लेशियर पर 19061 फीट की ऊंचाई पर सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सर्विस को एक्टिवेट कर दिया है. सियाचिन में इंटरनेट सेवा शुरू होने के बाद अब सेनाओं को खूफिया जानकारी साझा करने में और आसानी होगी.

बता दें कि भारतीय सेना खुद को लगातार एडवांस करने में लगी हुई है. दुश्मनों से पार पाने के लिए सेना लगातार खुद को अपग्रेड भी कर रही है. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के कड़े प्रतिबंध किए जा रहे हैं. सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए पिछले कुछ समय से सैन्य उपकरणों को स्वदेशी स्तर पर विकसित करने पर जोर दिया रहा है. सरकार ने भी इस दिशा में कई सकारात्मक कदम उठाए हैं.

इससे पहले भारतीय सेना ने रविवार को सैन्य उपकरणों की आपात खरीद के लिए घरेलू रक्षा विनिर्माताओं को आमंत्रण दिया. सेना कहा कि स्वदेशी उपकरणों की मदद से अगला युद्ध लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप उसने घरेलू रक्षा उद्योग को आपातकालीन खरीद के लिए महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की पेशकश करने के लिए आमंत्रित किया है. सेना ने इस खरीद प्रक्रिया को खुली निविदा पर आधारित बताते हुए कहा कि बंदूकों, मिसाइल, ड्रोन, संचार एवं ऑप्टिकल प्रणाली, विशेषज्ञ वाहन, इंजीनियरिंग उपकरण और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधन के लिए प्रस्ताव लाए जा रहे हैं.

सेना ने अपने कई ट्वीट संदेशों में इस निमंत्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि आपात खरीद के लिए घरेलू रक्षा विनिर्माताओं को स्थानीय रक्षा उपकरणों की पेशकश करनी चाहिए. सेना ने कहा, ‘यह निमंत्रण स्वदेशी समाधानों के साथ भविष्य की लड़ाई लड़ने की सेना की प्रतिबद्धता के अनुरूप है.’ सेना ने अपने ट्वीट में कहा कि आपात खरीद में घरेलू स्तर पर विकसित रक्षा उत्पादों की पेशकश एक सीमित समयसीमा के लिए लागू होगी. सेना ने कहा, ‘खरीद की यह खिड़की भारतीय उद्योग के लिए छह महीने तक खुली रहेगी और खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के एक साल के भीतर उपकरणों की आपूर्ति करने की अपेक्षा उद्योग से होगी.’

(भाषा से इनपुट के साथ)

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