सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च किया नया प्लेटफॉर्म, वित्तीय समावेशन के लिए बना सकेंगे प्रोडक्ट्स

government launches new platform for startups can made products for financial inclusion

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को फिनटेक स्टार्टअप्स (Startups) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के बीच एक संयुक्त पहल Fincluvation को लॉन्च किया है. इसमें कई इनोवेटिव प्रोडक्ट्स (Products) शामिल होंगे, जिससे देश में वित्तीय समावेशन बढ़ेगा और वित्तीय प्रोडक्ट्स (Financial Products) सबसे निचले स्तर के लोगों तक पहुंचेंगे. स्टार्टअप्स को उनके खुद के APIs पर आधारित सॉल्यूशन्स को बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. स्टार्टअप्स को IPPB बैंकिंग स्टैक प्लेटफॉर्म पर अपने खुद के APIs पर आधारित सोल्यूशन्स तैयार करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.

इस प्लेटफॉर्म को पेमेंट्स बैंक उपलब्ध करेगा और इसके लिए सरकार तीन करोड़ रुपये तक का वित्तीय समर्थन उपलब्ध करेगी, जिससे आइडिया को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट से आखिरी प्रोडक्ट तक ले जाया जाएगा.

फंड जुटाने के लिए निवेशकों से करेंगे बात: वैष्णव

वैष्णव ने लॉन्च पर स्टार्टअप्स से कहा कि वे भी उनका समर्थन करेंगे और बाजार में प्रोडक्ट के सफल होने के बाद फंड जुटाने के लिए निवेशकों, वेंचर कैपिटल और निजी इक्विटी कंपनियों से बात करेंगे.

स्टार्टअप्स क्रेडिटाइजेशन के लिए सोल्यूशन्स विकसित कर सकते हैं. वे डिजिटाइजेशन के जरिए सहूलियत भी ला सकते हैं. और डिजिटल पेमेंट टेक्नोलॉजीज के साथ पारंपरिक सेवाओं का मेल भी कर सकते हैं. वे बाजार के लिए सोल्यूशंस भी बना सकते हैं, जिससे IPPB के लिए किसी दूसरी मुश्किल को हल करने में मदद मिल सकती है.

इस प्लेटफॉर्म की मदद से स्टार्टअप्स IPPB और डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट के जानकारों के साथ काम करके सोल्यूशंस विकसित कर सकेंगे और पोस्टल नेटवर्क का इस्तेमाल करके पायलट कर सकेंगे. फिर, सफल पायलट लंबी अवधि के समझौते कर सकते हैं.

इसके अलावा स्टार्टअप्स उस फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी इस्तेमाल कर सकेंगे, जो देश भर में IPPB और डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट का मौजूद है.

इसके अलावा आपको बता दें कि देश में स्टार्टअप को मजबूती देने वाले माहौल की वजह से साल 2022 के पहले तीन महीनों में भी 14 कंपनियां यूनिकॉर्न का दर्जा पाने में सफल रहीं हैं. यह लगातार तीसरी तिमाही रही है, जब स्टार्टअप कंपनियों ने 10 अरब डॉलर से अधिक का वित्त जुटाया है. यूनिकॉर्न से मतलब एक अरब डॉलर के अधिक के मूल्यांकन से है. सलाहकार एजेंसी पीडब्ल्यूसी इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक अरब डॉलर से ज्यादा मूल्यांकन वाली यूनिकॉर्न कंपनियों के समूह में जनवरी-मार्च 2022 के दौरान 14 स्टार्टअप कंपनियां शामिल होने में सफल रहीं हैं. इस तरह देश में मौजूद यूनिकॉर्न इकाइयों की संख्या बढ़कर 84 हो चुकी है.

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