सरकार ने इस साल रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य रखा है, बेहतर मॉनसून से मिलेगा सपोर्ट

Crop production this year

सरकार ने बेहतर मानसूनी बारिश के कारण फसल वर्ष 2022-23 के लिए 32.8 करोड़ टन के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन (Record food production) का लक्ष्य तय किया है. पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में यह लक्ष्य 3.8 फीसदी अधिक है. कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, जून को समाप्त होने वाले चालू फसल वर्ष 2021-22 में खाद्यान्न उत्पादन 31 करोड़ 60.6 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर तक होने का अनुमान है. फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) के लिए लक्ष्य का निर्धारण, खरीफ अभियान 2022 के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन में किया गया था. इसका आयोजन मंगलवार को रबी (सर्दियों) के मौसम की प्रगति की समीक्षा करने और खरीफ (गर्मी) फसलों की योजना के लिए आयोजित किया गया था. सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृषि आयुक्त ए के सिंह ने कहा कि इस साल सामान्य मानसून का पूर्वानुमान चावल जैसी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए शुभ संकेत है. उन्होंने कहा, हमने फसल वर्ष 2022-23 के लिए रिकॉर्ड 32.8 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है.

कुल खाद्यान्न उत्पादन में से खरीफ सत्र के लिए 16 करोड़ 31.5 लाख टन और रबी सत्र के लिए 16 करोड़ 48.5 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. खरीफ सत्र के लिए चावल उत्पादन लक्ष्य 11.2 करोड़ टन, मक्का 23.10 लाख टन, दलहन 10.55 लाख टन और तिलहन उत्पादन लक्ष्य 26.89 लाख टन रखा गया है.

उर्वरक की उपलब्धता भी पर्याप्त

सिंह ने कहा कि सोयाबीन को छोड़कर, आगामी खरीफ सत्र की आवश्यकता को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बीज की उपलब्धता है. उन्होंने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता भी मौसम की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. उन्होंने कहा कि हालांकि, राज्य सरकारों को तिलहन में उच्च उपज अंतर, सूरजमुखी में गिरते खेती के रकबे और बुवाई के लिए सोयाबीन के बीज की कमी को दूर करने की आवश्यकता है.

इस साल उत्पादन में 13 फीसदी उछाल की संभावना

इधर देश का चीनी उत्पादन सितंबर, 2022 में समाप्त होने वाले चालू मार्केटिंग ईयर में 13 फीसदी बढ़कर 3.5 करोड़ टन रहने का अनुमान है. इस दौरान चीनी निर्यात 95 लाख टन रहने की संभावना है. खाद्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा कि पिछले साल का 92,480 करोड़ रुपये का करीब 99.5 फीसदी गन्ने का बकाया चुका दिया गया है. इसके अलावा चालू साल के लिए भी किसानों को गन्ने का 80 फीसदी बकाया दे दिया गया है.

कुल उत्पादन 3.5 करोड़ टन रहने का अनुमान

खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय की अध्यक्षता में यहां डिजिटल तरीके से राज्यों के गन्ना आयुक्तों के साथ हुई बैठक में चीनी की उपलब्धता और निर्यात की स्थिति का आकलन किया गया. मंत्रालय ने कहा कि संशोधित अनुमान के अनुसार 2021-22 के मार्केटिंग ईयर में चीनी का उत्पादन 3.5 करोड़ टन रहने का अनुमान है. यह आंकड़ा एथनॉल के लिए 35 लाख टन चीनी निकालने के बाद है.

घरेलू खपत 2.78 करोड़ टन रहने का अनुमान

बयान में कहा गया है कि चीनी उत्पादन घरेलू खपत 2.78 करोड़ टन से कहीं अधिक रहने का अनुमान है. 2021-22 के मार्केटिंग ईयर की शुरुआत में चीनी का पिछला भंडार 85 लाख टन था. मंत्रालय ने कहा कि देश में चीनी की उपलब्धता घरेलू मांग को पूरा करने की दृष्टि से पर्याप्त है.

(भाषा)

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