सरकार की इस योजना से कपास और सोयाबीन किसानों को होगा फायदा, जानिए इसके बारे में सबकुछ

Soybean And Cotton Farming In Maharashtra

महाराष्ट्र सरकार राज्य में कपास और सोयाबीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रसाय कर रही है. इसके लिए किसानों (Farmers) को योजनाओं के जरिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है. खरीफ सीजन (Kharif Season) में यहां के किसान बड़े पैमाने पर सोयाबीन और कपास की खेती करते हैं. इसी को ध्यान में रखकर सरकार किसानों की मदद कर रही है. अभी हाल ही में राज्य सरकार की तरफ से इन दोनों फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए 1000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. सरकार की कोशिश दिसंबर तक 300-400 किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) को कवर करने की है. छोटे किसानों का समूह ही इन कंपनियों का गठन करना है.

सरकार की तरफ से जारी की गई राशि के बारे में अधिकारियों ने बताया कि कपास और सोयाबीन के लिए 450 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा तिलहन फसलों के लिए 100 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. महाराष्ट्र के स्मार्ट परियोजना के निदेशक दशरथ तंभाले ने कहा कि खरीफ सीजन में महाराष्ट्र के कुल रकबे के लगभग 60 प्रतिशत में सोयाबीन और कपास की खेती होती है. कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में रहने वाले कम आय वाले किसानों की मदद के लिए यह योजना शुरू की गई है. इस बार मॉनसून सामान्य रहने के पूर्वानुमान के बीच खरीफ सीजन में खेती करने वाले किसान और कृषि विभाग दोनों उत्साहित हैं.

समूह में आने से किसानों को मिलेगा लाभ

एग्रीकल्चर कमिश्नरेट के निदेशक कृषि (विस्तार और प्रशिक्षण) विकास पाटिल ने हिन्दुस्तान टाइम्स कहा कि किसान तो खेती व्यक्तिगत रूप से करेंगे, लेकिन मार्केटिंग का काम और मशीनों की खरीद को समूह में किया जा सकता है. यदि कोई किसान एक मशीन खरीदना चाहता है तो वह व्यक्तिगत रूप से इसे खरीदने में सक्षम नहीं हो सकता है. अगर कुछ किसान समूह में आकर काम करें तो उनके लिए राह आसान हो जाएगी. इसी तरह यह योजना किसानों को मदद करेगी और उनके लिए लाभकारी साबित होगी.

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोयाबीन उत्पादन करने वाले राज्य के 22 जिलों में इस योजना को लागू किया गया है. वहीं कपास की खेती करने वाले 17 जिले इसके अंतर्गत हैं. महाराष्ट्र के किसान खरीफ सीजन में सबसे अधिक सोयाबीन की खेती करते हैं. यह राज्य की प्रमुख फसल है. लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है. हाल के महीनों में कपास को मिले रिकॉर्ड रेट के कारण राज्य के किसान सफेद सोने की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. कृषि विभाग ने भी कहा है कि इस बार कपास के रकबे में बढ़ोतरी होगी. ऐसे में राज्य सरकार की तरफ से शुरू की गई इस योजना से उन्हें काफी लाभ मिलेगा.

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