वैज्ञानिकों के हाथ लगा अब तक का सबसे बड़ा बैक्टीरिया, सामान्य से 5000 गुना है बड़ा, देखने के लिए नहीं पड़ेगी माइक्रोस्कोप की जरूरत

Largest Bacteria

वैज्ञानिकों ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है, जहां उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा बैक्टीरिया (Largest bacteria) खोज निकाला है. अधिकांश बैक्टीरिया काफी छोटे होते हैं और उन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप (Microscope) की जरूरत पड़ती है, लेकिन यह अनोखा बैक्टीरिया इतना बड़ा है कि इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है. वैज्ञानिकों ने इसकी खोज कैरिबियन द्वीप समूह के ग्वाडेलोप में की है. इसके बारे में बताया जा रहा है कि यह इंसान की पलकों के आकार का है और लगभग एक सेंटीमीटर लंबा है. वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया का नाम थियोमार्गरीटा मैग्निफा रखा है.

बता दें कि सामान्य बैक्टीरिया की लंबाई 1-5 माइक्रोमीटर लंबी होती है, लेकिन नए बैक्टीरिया की लंबाई 10,000 माइक्रोमीटर है. दूसरे शब्दों में कहें तो इसकी लंबाई 1 सेंटीमीटर (0.4 इंच) है. थियोमार्गरीटा मैग्निफा का यह जीव अब तक मिले विशालकाय जीवाणुओं से लगभग 50 गुना बड़ा है और नंगी आंखों से दिखाई देने वाला पहला जीव है. माना जाता है कि बैक्टीरिया पृथ्वी पर रहने वाले पहले जीव हैं और अरबों साल बाद भी इनकी संरचना में ज्यादा बदलाव नहीं आया है.

जीवन के लिए बेहद जरूरी माना गया है बैक्टीरिया

इंसान के शरीर में बैक्टीरिया की भरमार होती है, जिनमें से बहुत कम संख्या में ही बीमारी होते हैं. हालांकि, बैक्टीरिया के चलते हैजा, टीबी और न्यूमोनिया जैसी घातक बीमारिया भी पनपती हैं, लेकिन इसके बावजूद बैक्टीरिया को धरती पर जीवन के लिए बेहद जरूरी माना गया हैं. साइंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में इस खोज के बारे में विस्तार से बताया गया है. शोधकर्ताओं ने कहा है कि बैक्टीरिया की औसत कोशिका लंबाई 9,000 माइक्रोमीटर से अधिक होती है.

इसे लैब कल्चर में विकसित नहीं कर पाए वैज्ञानिक

इसमें कहा गया है कि माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों ने झिल्ली के भीतर डीएनए और राइबोसोम के साथ पॉलीप्लोइड कोशिका को देखा. वेस्टइंडीज और गुयाना विश्वविद्यालय के बायोलॉजिस्ट ओलिवियर ग्रोस ने 2009 में ग्वाडेलोप के द्वीपसमूह में धंसी हुई मैंग्रोव की पत्तियों से चिपके हुए इस जीवाणु खोजा था, लेकिन तब उन्हें यह नहीं पता था कि यह अब तक का सबसे बड़ा बैक्टीरिया है. ग्रोस को यहां दलदल में सीप, चट्टानों और कांच की बोतलों से जुड़े बैक्टीरिया भी मिले. वैज्ञानिक अभी तक इसे लैब कल्चर में विकसित नहीं कर पाए हैं, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि सेल में एक ऐसी संरचना है जो बैक्टीरिया के लिए असामान्य है.

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