वेदांत प्रोजेक्ट गुजरात जाने के साथ शिंदे सरकार का और एक फैसला, 12 हजार करोड़ का निवेश अधर में लटका

शिंदे-फडणवीस सरकार ठाकरे सरकार द्वारा पास किए गए गई प्रोजेक्ट्स रद्द कर सारी प्रक्रियाओं को फिर से शुरू कर रही है.कुछ ऐसे भी प्रोजेक्ट्स के लटकने की आशंकाएं हैं, जिनमें हेवी इन्वेस्टमेंट होना है.

CM Eknath Shinde Dy CM Devendra Fadnavis

वेदांत-फॉक्सकॉन प्रोजेक्ट गुजरात चले जाने से महाराष्ट्र को पहले ही 1 लाख 54 हजार करोड़ का निवेश गंवाना पड़ा है, राज्य अभी यह झटका झेल कर उबर भी नहीं पाया है कि और 12 हजार करो़ड़ का निवेश अधर में लटकता हुआ दिखाई दे रहा है. शिंदे-फडणवीस सरकार के एक फैसले की वजह से यह हुआ है. दरअसल यह नई सरकार आघाड़ी सरकार में पास हुए कई फैसलों और प्रोजेक्ट्स को रोक दे रही है और उनकी सारी प्रक्रियाओं सो फिर से शुरू करने की नीति पर चल रही है. एमआईडीसी के भूमि वितरण के फैसले को भी स्थगित किया गया है.

इस फैसले से 12 हजार करोड़ के निवेश के अधर में लटकने की खबर सामने आ रही है. ऐसे 191 जमीनों के वितरण की सारी प्रक्रियाएं फिर से पूरी की जाएंगी. मंत्रालय के सूत्रों से मिला जानकारियों के मुताबिक इससे हजारों करोड़ का निवेश लटक जाएगा.

शिंदे-फडणवीस सरकार के इस फैसले से निवेश अधर में लटका

राज्य में शिंदे-फडणवीस सरकार के अस्तित्व में आने के बाद 8 अगस्त को राज्य के अलग-अलग औद्योगिक विकास महामंडल से जुड़ी जमीनों के वितरण पर भी रोक लगा दी गई. इसके 16 अलग-अलग विभागों के कार्यालयों और उनके अंडर में आने वाले स्थानीय कार्यालयों की तरफ से 1 जून से भूमि वितरण शुरू किए जाने का कार्यक्रम था. इन पर अब रोक लग चुकी है.

महामंडल का दावा कि प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी गई थी

महामंडल का दावा है कि भूमि वितरण की प्रक्रिया बिलकुल पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन पूरी की गई थी. अब इन सारे प्रस्तावों को उद्योग विभाग को भेजा गया है. महामंडल से ऐसे 12 हजार करोड़ के निवेश वाले 191भूमि वितरण के प्रस्ताव उद्योग विभाग के सामने पेश कर दियाहै. उद्योग विभाग इन सभी प्रस्तावों की जांच-पड़ताल कर रहा है. नियमों के मुताबिक हुए भूमि वितरण और प्रस्तावों पर से रोक जल्दी ही हटा ली जाएगी.

उद्योग विभाग की सफाई, कामों को लटकाने के लिए फाइलें नहीं मंगवाई

उद्योग विभाग ने यह जानकारी दी है. उद्योग विभाग की ओर से यह साफ किया गया है कि प्रोजेक्ट्स को लटकाने में और विकास की रफ्तार को कम करने में उसका इंटरेस्ट नहीं है. जल्दी ही जांच पड़ताल के बाद फाइलों को वापस कर दिया जाएगा और जो प्रस्ताव नियमों के मुताबिक होंगे उनके लिए कोई समस्या पैदा नहीं होने दी जाएगी.

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