लश्कर-ए-तैयबा के साथ साजिश मामले में एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट, पूर्व आईपीएस अधिकारी समेत 7 लोग हैं आरोपी

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एनआईए (NIA) ने शुक्रवार को लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) साजिश मामले में एक पूर्व आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी (Arvind Digvijay Negi) और छह अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. वे पाकिस्तान में स्थित लश्कर के गुर्गों के साथ जम्मू-कश्मीर और भारत के दूसरे हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में शामिल थे. इससे पहले इसी साल फरवरी महीने में दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद के फाइनेंसिंग से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद दिग्विजय नेगी, कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और अन्य को एक महीने की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

विशेष न्यायाधीश परवीन सिंह ने आरोपी व्यक्तियों को 24 मार्च तक के लिए जेल भेज दिया था. उन्होंने अरोपियों को तब न्यायिक हिरासत में भेजा, जब उन्हें एनआईए द्वारा हिरासत में पूछताछ की अवधि समाप्त होने पर अदालत के सामने पेश किया गया. एजेंसी ने एनआईए के पूर्व एसपी नेगी को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक ओवरग्राउंड वर्कर को गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

NIA ने पूर्व आईपीएस अधिकारी और 6 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंट वर्कर का एक नेटवर्क चला रहे थे आरोपी

ये मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें आतंकवाद और आतंकी वित्तपोषण से संबंधित मामले भी शामिल हैं. एनआईए ने आरोप लगाया था कि आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंट वर्कर का एक नेटवर्क चला रहे थे और पूरे भारत में व्यक्तियों की भर्ती की. एजेंसी ने कहा कि साजिश के तहत आरोपी विदेश स्थित अपने आकाओं के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षाबलों के साथ-साथ आतंकवादी हमलों के लिए टारगेट स्थानों की पहचान करने में लगे थे.

वहीं गुरुवार को एनआईए ने आतंकी फंडिंग मामले में प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के चार सदस्यों के खिलाफ स्थानीय अदालत में आरोपपत्र दायर किया. एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पटियाला हाउस स्थित एनआईए की विशेष अदालत में मध्य कश्मीर के गंदरबल जिले के निवासी जावेद अहमद लोन उर्फ ​​शलाबुघी, उसके भाई आदिल अहमद लोन, मंजूर अहमद डार और रमीज अहमद कोंडू के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया. प्रवक्ता ने कहा कि शालबुघी पर भारतीय दंड संहिता के साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है, जबकि बाकी तीन पर शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(इनपुट- भाषा के साथ)

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