रूटीन में इतनी ही देर करें वेट लिफ्टिंग, हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

Do Weight Lifting For Less Than Hour Can Safe Your From Heart Stroke In Hindi

आजकल छोटी उम्र में हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ रहे हैं. हार्ट अटैक वाले इन पेशेंट में कई स्टार्स भी शामिल है. अब सवाल ये बनता है कि सेहत का इतना खयाल रखने वाले स्टार्स को भला कम उम्र में कैसे हार्ट अटैक आ सकता है. कई स्टडी में सामने आया है कि जिम में वेट लिफ्टिंग करने वालों को हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा ज्यादा बना हुआ रहता है. ये सच है कि वेट उठाने वाली एक्सरसाइज को करना सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन अगर वजन ज्यादा उठाया जाए, तो इससे दिल के दौरे के आने का जोखिम बढ़ जाता है.

हाल में आई स्टडी में बताया गया है कि वेट लिफ्टिंग की टाइमिंग में बदलाव करके हार्ट अटैक के जोखिम को 70 फीसदी तक कम किया जा सकता है. इस आर्टिकल में हम आपको वेट लिफ्टिंग को लेकर कुछ अहम बातों के बारे में बताने जा रहे हैं.

इतनी देर करनी चाहिए वेट लिफ्टिंग

स्टडी के मुताबिक वेट लिफ्टिंग में वजन और टाइमिंग का ध्यान रखकर दिल के दौरे के जोखिम को कम किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जो लोग वेट लिफ्टिंग करते हैं उन्हें इसकी टाइमिंग एक घंटे से कम रखनी चाहिए. अध्ययन में ये भी सामने आया है कि जो लोग एक घंटे से ज्यादा हैवी वेट उठाते हैं, उन्हें बॉडी बिल्डिंग में दूसरों के मुकाबले कम बेनिफिट्स मिल पाते हैं.

जानें और क्या कहती है स्टडी

स्टडी में ये भी बताया गया है कि जो लोग एक घंटे से ज्यादा समय में एक्सरसाइज को पूरा करते हैं उनमें मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम के विकास में 29 फीसदी की कमी देखी गई. ऐसे में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और डायबिटीज से पीड़ित होने का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि वेट लिफ्टिंग करने वालों को रोजाना ज्यादा से ज्यादा 40 मिनट एक्सरसाइज करनी चाहिए.

अधिक एक्सरसाइज और हार्ट के बीच संबंध

नॉर्मल एक्सरसाइज करने वालों की तुलना में जिम करने वाले लोग अपनी फिजिकल फिटनेस से ज्यादा वर्कआउट करते हैं. जिम में लोग 50 मील या उससे अधिक दौड़ते हैं, इसके साथ ही काफी हैवी एक्सरसाइज भी नियमित रूप से करते हैं. हद से ज्यादा थकावट आपके को नुकसान पहुंचाती है. कुछ वक्त पहले धावकों पर एक स्टडी की गई थी जिसमें पाया गया कि अत्यधिक दौड़ने की वजह से बाद में एथलीटों के रक्त के नमूनों में हृदय की क्षति से जुड़े बायोमार्कर पाए जाते है.

( इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. TV9 Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है. किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही इस पर अमल करें.)

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