राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किए क्वीन एलिजाबेथ II के अंतिम दर्शन

महारानी के अंतिम संस्कार में दुनियाभर के शाही परिवार के सदस्यों समेत करीब 500 विश्व नेता शामिल होंगे. अंतिम संस्कार वेस्टमिंस्टर एबे में होगा.

क्वीन एलिजाबेथ II के अंतिम दर्शन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन पहुंच चुकी हैं. राष्ट्रपति यहां पर भारत सरकार की तरफ से संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए पहुंची हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वेस्टमिंस्टर हॉल लंदन का दौरा किया, जहां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का शव अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है. यहां पहुंचकर राष्ट्रपति ने अपनी और भारत के लोगों की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की.

महारानी के अंतिम संस्कार में दुनियाभर के शाही परिवार के सदस्यों समेत करीब 500 विश्व नेता शामिल होंगे. अंतिम संस्कार वेस्टमिंस्टर एबे में होगा, जिसमें करीब 2,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है. शोक समारोह स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे शुरू होगा और एक घंटे बाद पूरे देश में दो मिनट के मौन के बाद समाप्त होगा.

महारानी के अंतिम संस्कार में दुनियाभर के शाही परिवार के सदस्यों समेत करीब 500 विश्व नेता शामिल होंगे। अंतिम संस्कार वेस्टमिंस्टर एबे में होगा, जिसमें करीब 2,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है. शोक समारोह स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे शुरू होगा और एक घंटे बाद पूरे देश में दो मिनट के मौन के बाद समाप्त होगा.

राष्ट्रपति भवन ने ट्वीट किया, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन पहुंच गई हैं. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. महारानी का पार्थिव शरीर वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया है और उनका अंतिम संस्कार सोमवार सुबह वेस्टमिंस्टर एबे में किया जाएगा.

राष्ट्रपति मुर्मू को रविवार शाम महाराजा चार्ल्स द्वितीय और क्वीन कंसोर्ट कैमिला द्वारा बकिंघम पैलेस में विश्व नेताओं के लिए आयोजित एक भोज में भी आमंत्रित किया गया है. इस आधिकारिक राजकीय कार्यक्रम में ब्रिटेन आ रहे सभी राष्ट्राध्यक्षों और आधिकारिक विदेशी अतिथियों के शामिल होने की संभावना है. महारानी के परिवार में 2009 और 2012 के बीच काम करने वाले जाकी कूपर का मानना है कि महारानी के भारत के साथ स्नेहपूर्ण संबंध थे और उन्होंने एक साम्राज्य को राष्ट्रमंडल में बदलने में अहम भूमिका निभाई.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन का हवाई अड्डे पर ब्रिटेन के राजदूत जेन हार्टले, लॉर्ड लेफ्टिनेंट ऑफ एसेक्स जेनिफर टोलहर्स्ट तथा अन्य लोगों ने स्वागत किया. ब्रिटेन में 57 वर्ष बाद पहले राजकीय अंतिम संस्कार के बाद विंडसर में सेंट जॉर्ज चैपल में एक निजी कार्यक्रम में महारानी को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इससे पहले ब्रिटेन के युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल का 1965 में राजकीय अंतिम संस्कार किया गया था.

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