राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू या यशवंत सिन्हा, किसको मिलेगा JMM का समर्थन, पार्टी की बैठक में कल होगा फैसला

Hemant Soren

राष्ट्रपति चुनाव (President Election 2022) दिल्ली में होना है. वहीं इसको लेकर माथापच्ची झारखंड में भी चल रही है. यही कारण है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पार्टी विधायकों और सांसदों की एक बैठक बुलाई है. शनिवार को आयोजित होने वाले इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी सूप्रीमो शिबू सोरेन (Shibu Soren) करेंगे. यह बैठक इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस बैठक में फैसला होना है कि आखिर राष्ट्रपति चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा किस उम्मीदवार का समर्थन करेगा. गौरतलब है कि झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को एनडीए ने अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि यूपीए की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशंवत सिन्हा उम्मीदवार हैं.

झारखंड में जेएमएम के लिए यह विकट परिस्थिति है क्योंकि पार्टी यह नहीं तय कर रही है कि वो किसे अपना समर्थन दें. इसलिए पार्टी ने शनिवार को एक बैठक बुलाई है. दरअसल हेमंत सोरेन के सामने मुसीबत यह है कि जेएमएम (JMM) आदिवासियों की राजनीति करती है और एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू देश के बड़े आदिवासी चेहरों में से एक हैं. इतना ही नहीं झारखंड की पूर्व राज्यपाल होने के कारण यहां उनसे एक जुड़ाव भी है. द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की रहने वाली हैं. ओडिशा में जेएमएम अपने प्रसार की तैयारी कर रहा है. वहां पर जेएमएम का एक विधायक भी है. ऐसे में अगर जेएमएम एनडीए उम्मीदवार का समर्थन नहीं करता है तो संभावना ऐसी भी हो सकती है कि इसपर आदिवासी नेता सवाल खड़ा कर सकते हैं.

क्या जेएमएम अपना फैसला करेगा सार्वजनिक

वहीं दूसरी तरफ यूपीए के उम्मीदवार यशंवत सिन्हा है. अगर जेएमएम यशवंत सिन्हा का समर्थन नहीं करता है तो फिर यहां पर सरकार खतरे में आ सकती है. क्योंकि राज्य में कांग्रेस से साथ मिलकर जेएमएम सरकार चला रही है. वर्तमान राजनीतिक हालात को देखते हुए संभावना जतायी जा रही है कि जेएमएम का झुकाव यशवंत सिन्हा की तरफ हो सकता है. इसलिए यह भी माना जा रहा है कि कल की बैठक में जो भी फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा उसे जेएमएम अपने पार्टी तक ही रखेगा. इसके बाद आने वाले दिनो में राजनीतिक हालात को देखते हुए अपने पत्ते खोलेगा.

मेरी मां को उनकी मेहनत का फल मिलाः इतिश्री मुर्मू

द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. उन्हें इस पद का उम्मीदवार बनाए जाने से उत्साहित उनकी बेटी ने इतिश्री मुर्मू ने कहा कि यह उनकी मां द्वारा किए गए कठिन परिश्रम का फल है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने बताया कि उनकी मां से बहुत जमीनी स्तर से शुरुआत की थी. कड़ी मेहनत का उन्हें फल मिल रहा है.

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