रामपुर और आजमगढ़ उपचुनाव परिणाम घोषित होने के बाद बीजेपी लगा सकती है नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मुहर, सबसे ज्यादा चर्चा में हैं ये नाम

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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा. इसको लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है और बीजेपी ने लंबे अरसे इस पर सस्पेंस बनाकर रखा है. बताया जा रहा है कि आजमगढ़ (Azamgarh ) और रामपुर उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद यूपी में बीजेपी के नए अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है. इसके लिए बीजेपी आलाकमान जल्द ही ऐलान कर सकता है. वहीं बीजेपी अध्यक्ष (BJP State President) पद को लेकर कई नाम सुर्खियों में हैं और अभी भी गणित ब्राह्मण और दलित के बीच उलझा हुआ है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीजेपी की दोबारा जीत के बाद मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में मंत्री के तौर शामिल किया गया है और वह इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. लेकिन राज्य में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गयी है कि बीजेपी जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है. लिहाजा यूपी बीजेपी को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है. बताया जा रहा है कि आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद बीजेपी नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है. क्योंकि राज्य में योगी सरकार बने 3 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की गई है.

ब्राह्मण नेताओं की है लंबी कतार

अगर बात 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव की करें तो इन दोनों ही चुनाव में राज्य में पार्टी की कमान ब्राह्मण नेता के पास रही और बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. लिहाजा पार्टी का एक वर्ग 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाने की वकालत कर रहा है. इसमें सबसे ऊपर पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा के साथ ही श्रीकांत शर्मा का नाम चल रहा है. वहीं राज्य सभा के लिए चुने गए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी भी इस दौड़ में बताए जा रहे हैं. इसके अलावा कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक और बस्ती से सांसद हरीश द्विवेदी के नाम को लेकर भी चर्चा में है.

दलित नेता पर भी पार्टी खेल सकती है दांव

राज्य में ये भी चर्चा है कि पार्टी इस बार दलित चेहरे पर दांव लगा सकती है. क्योंकि इस बार विधानसभा चुनाव में दलित वर्ग ने बीजेपी को वोट दिया है. लिहाजा बीजेपी 2024 के लिए दलितों को लुभाने की कोशिश कर सकती है. बताया जा रहा है कि दलित और पिछड़ी जातियों वर्ग से आने वाले भानु प्रताप वर्मा, एसपी सिंह बघेल और बीएल वर्मा पर भी पार्टी दांव खेल सकती है. पार्टी के भीतर इस बात की भी चर्चा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले किसी जाट नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाए. लिहाजा इस मामले में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी और संजीव बाल्यान का नाम का नाम सबसे आगे चल रहा है.

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