‘राज्यपाल ने पद को बदनाम किया’, भागवत-आरिफ मोहम्मद खान की मुलाकात पर भड़की CPIM

Arif Mohammad Khan

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार रात को त्रिशूर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की है. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राज्यपाल और राज्य की वाममोर्चा सरकार के बीच असंतोष बढ़ रहा है. अब इस मुलाकात को लेकर सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने निशाना साधा है. कन्नूर जिले के माकपा के सचिव वी जयराजन ने कहा है कि हमें अब समझ में आया है कि इस नाराजगी के पीछे का क्या कारण है.

कन्नूर जिले के माकपा के सचिव वी जयराजन ने आरिफ मोहम्मद खान और मोहन भागवत के बीच हुई मुलाकात पर निशाना साधते हुए कहा, ‘राज्यपाल ने भागवत को त्रिशूर में एक स्थानीय आरएसएस के नेता के घर पर बुलाकर सभी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के साथ ही अपने पद का अपमान किया है.’ उन्होंने कहा कि बाद में वह संघ परिवार की तरह पेश आने लगे और इससे उन्होंने अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की अनदेखी की है.

राज्यपाल को अपने पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए: माकपा

इसके साथ ही माकपा के राज्य सचिव कानम राजेंद्रम ने भी खान और भागवत की मुलाकात पर कहा है कि राज्यपाल को अपने पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए. राज्यपाल कार्यालय ने इससे पहले जानकारी देते हुए कहा था कि आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार रात लगभग आठ बजे भागवत के घर पर उनके साथ बैठक की थी. राज्यपाल ने इसके बारे में मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था. खान के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘राज्यपाल ने आरएसएस प्रमुख के साथ बैठक की. यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी. यह बैठक पूर्व नियोजित थी.’

माकपा और खान के बीच चल रहा है विवाद

बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत त्रिशूर में एक स्थानीय आरएसएस नेता के घर पर ठहरे थे. केरल के राज्यपाल खान और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच जारी विवाद शनिवार को उस समय और बढ़ गया, जब राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार को विश्वविद्यालयों के कुलपति नियुक्त करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता और वाम दल ने खान पर राज्य सरकार के खिलाफ झूठी मुहिम चलाने का आरोप लगाया.