राजस्थान: 3 सालों में सबसे ज्यादा सड़क पर उतरी सत्ताधारी पार्टी, कांग्रेस ने किए विपक्ष से ज्यादा विरोध प्रदर्शन

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नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में कांग्रेस ने 5 दिनों तक लगातार सड़क से विरोध दर्ज करवाया. राहुल के समर्थन में देशभर से कांग्रेस के नेता दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में जुटे. ईडी पूछताछ के पूरे घटनाक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके सभी मंत्रियों ने पहले दिन से दिल्ली में डेरा डाले रखा और सड़कों पर उतरकर लगातार विरोध और धरने प्रदर्शन में हिस्सा लिया. वहीं कांग्रेस आलाकमान की ओर से अशोक गहलोत ने अग्रिम पंक्ति से मोर्चा संभाला. बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस सड़कों पर उतरी है. अगर राजस्थान के संदर्भ में देखें तो प्रदेश में कांग्रेस ने जबसे सत्ता संभालने के बाद पिछले 3 सालों में लगातार हर महीने किसी न किसी मुद्दे पर धरना और विरोध प्रदर्शन किया है.

प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने पिछले साढ़े तीन सालों में करीब दर्जन भर से ज्यादा बार सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं. आंकड़ों को देखें तो ​दिसंबर 2018 में कांग्रेस के राज्य की सत्ता में लौटने के बाद तीन सालों में कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी से ज्यादा विरोध प्रदर्शन किए हैं.

ईडी आंदोलन में गहलोत ने संभाला मोर्चा

राहुल गांधी से जिस दिन ईडी की पूछताछ शुरू हुई उसी दिन से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली पहुंच गए और दिल्ली में रहकर मोर्चा संभाल लिया. वहीं इसके बाद राजस्थान कांग्रेस से नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने के आदेश दिए गए. बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और सोनिया-राहुल के गहलोत की नजदीकियों के चलते भीड़ जुटाने का जिम्मा राजस्थान कांग्रेस पर ज्यादा था.

वहीं कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में लगातार राजस्थान के सभी मंत्री और प्रमुख कांग्रेस नेता दिखाई दिए. इसके अलावा बीते 19 जून को बारिश के दौरान भी जयपुर में अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस ने तिरंगा यात्रा निकाली जिसमें सीएम गहलोत से लेकर कई मंत्री और प्रमुख नेता शामिल हुए.

कृषि कानूनों और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे

वहीं बीते साल 2021 में कांग्रेस ने सीएम अशोक गहलोत की अगुवाई में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया था. इसके अलावा 15 जनवरी को जयपुर के सिविल लाइंस फाटक पर कृषि कानूनों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन हुआ था. वहीं कांग्रेस नेताओं ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के चक्काजाम में शामिल होने से लेकर पैदल मार्च तक निकाला था.

इसके साथ ही बीते साल 12 दिसंबर को महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की जयपुर रैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तक सभी राष्ट्रीय नेता शामिल हुए थे.

2020 में राजभवन में धरना प्रदर्शन

वहीं साल 2020 में भी कांग्रेस ने खूब धरने प्रदर्शन किए जहां खुद मुख्यमंत्री गहलोत कई बार सड़कों पर उतरे. इसके अलावा 2020 में पैदा हुए सियासी संकट के दौरान राजस्थान कांग्रेस में काफी हलचल देखने को मिली. 2020 में सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद विधानसभा सत्र बुलाने की फाइल राजभवन से 4 बार वापस आ गई जिसके बाद गहलोत खेमे के कांग्रेसी विधायक विरोध में राजभवन में ही धरना देने लगे.

इसके बाद 24 जुलाई 2020 को कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री की अगुवाई में राजभवन में कई घंटे धरना दिया. इसके अलावा अगस्त 2020 में कांग्रेस ने राजधानी सहित जिलों में कोरोना काल में नीट, जेईई परीक्षाएं करवाने के खिलाफ धरना दिया.

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