राजस्थान के 15 से ज्यादा जिलों में पेट्रोल-डीजल का अकाल, कुछ ही घंटों का बचा तेल, ड्राई हुए पंप

Fuel crisis in Rajasthan

राजस्थान में लोग पेट्रोल और डीजल की कमी से जूझ रहे हैं (Petrol Diesel Crisis in Rajasthan). हालात यह है कि अपनी गाड़ियों में तेल डलवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ लग रही है. जिसके चलते राजधानी जयपुर (Jaipur Petrol Pumps) में स्थानीय पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा. दरअसल पिछले कुछ दिनों से दो तेल कम्पनियों भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम डिमांड के मुताबिक पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति नहीं कर रही है. जिस वजह से प्रदेश के करीब 15 जिलों में लगभग छह हज़ार पेट्रोल पम्प्स में से करीब दो हज़ार पेट्रोल पम्प्स ड्राई हो चुके हैं. जयपुर में कई पेट्रोल पम्प्स पर पेट्रोल और डीज़ल उपलब्ध नहीं होने के बोर्ड लग चुके हैं.

हालात यह है कि जयपुर में लोग पेट्रोल और डीजल की किल्लत के बीच अपने वाहनों में तेल डलवाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. जयपुर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर भीड़ के कारण हालात बिगड़ रहे हैं. ऐसे में स्थानीय पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ रहा है. जयपुर के एचपीसीएल और बीपीसीएल पंपों पर भी मंगलवार को पेट्रोल और डीजल खत्म होने लगा और शाम होते-होते शहर के अधिकतर पंप ड्राई हो गए. ऐसे में देर रात आईओसीएल के पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली. जिसके बाद सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई. ऐसे में स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई और पेट्रोल पंप पर पुलिस की मौजूदगी में पेट्रोल दिया गया. हालांकि इस दौरान सभी लोगों को तेल नहीं मिल पाया.

क्या है पेट्रोल और डीजल की किलल्त की वजह?

दरअसल केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद तेल कंपनियों ने सप्लाई कम कर दी है. राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स ऐसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सुनीत बगई ने बताया कि इसकी बड़ी वजह है करीब दो हफ़्ते से रिलायंस और एस्सार के पेट्रोल पम्प्स का बंद होना. इन कंपनियों के पेट्रोल पंप बंद होने से भार अन्य कंपनियों के पेट्रोल पम्प्स पर आ गया. किलल्त का दूसरा कारण है भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कम्पनी की तरफ़ से कम की जा रही सप्लाई. बगई के मुताबिक़ केवल इंडियन आयल कम्पनी राज्य में पूरी सप्लाई दे रही है. इस संकट की एक वजह ये भी बताई गई है कि पेट्रोलियम कम्पनियों को हो रहा घाटा लगातार बढ़ रहा है और इसकी वजह से कम्पनियां सप्लाई कम दे रही हैं.

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